कोयला घोटाला: सौम्या चौरसिया और निखिल की दो करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क, अब तक 273 करोड़ जब्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला लेवी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर बड़ी स्ट्राइक की है। जांच एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर की 2.66 करोड़ रुपए की आठ अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। ईडी की टीम को जांच में पुख्ता सबूत मिले हैं कि ये संपत्तियां भ्रष्टाचार की काली कमाई से खड़ी की गई थीं। इस ताजा कार्रवाई के साथ ही इस पूरे घोटाले में अब तक कुल 273 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति सरकारी शिकंजे में आ चुकी है।

25 रुपए का खेल और 540 करोड़ की वसूली

पिछली सरकार में रसूख रखने वाली अधिकारी सौम्या चौरसिया को इस सिंडिकेट की सबसे ताकतवर कड़ी माना जा रहा है। जांच में सामने आया है कि यह सिंडिकेट कोयला परिवहन के नाम पर प्रति टन 25 रुपए की अवैध वसूली करता था। महज तीन साल के भीतर अफसरों और नेताओं की मिलीभगत से करीब 540 करोड़ रुपए का कमीशन डकारा गया। यह पैसा नीचे से लेकर ऊपर तक पहुंचता था। रायपुर में वसूली की यह रकम सूर्यकांत तिवारी का करीबी निखिल चंद्राकर संभालता था और कोडवर्ड के जरिए इसे ठिकाने लगाया जाता था।

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सरकारी गवाह बना निखिल खोलेगा राज

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सूत्रों के मुताबिक निखिल चंद्राकर को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने सरकारी गवाह बना लिया है। निखिल ने कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराकर सिंडिकेट के कई रसूखदारों के नाम उगल दिए हैं। इसी बयान और बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच के बाद ईडी ने उन संपत्तियों को चिन्हित किया जो भ्रष्टाचार के पैसों से खरीदी गई थीं।

आरोपी तो बने पर कार्रवाई में भेदभाव की चर्चा

इस घोटाले में अब तक रानू साहू और समीर बिश्नोई जैसे आईएएस अधिकारियों के साथ विधायक देवेंद्र यादव समेत 35 लोगों को आरोपी बनाया गया है। 11 लोग सलाखों के पीछे हैं, लेकिन गलियारों में इस बात की चर्चा गरम है कि चार्जशीट में नाम आने के बाद भी जयप्रकाश मौर्य जैसे अधिकारियों पर अब तक गाज नहीं गिरी है। उल्टे उनका वेतन बढ़ा दिया गया है, जबकि आबकारी घोटाले में सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए 28 लोगों को सस्पेंड कर दिया था। अधिकारियों के प्रति इस नरम रवैये पर अब सवाल उठने लगे हैं।

 

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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