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Holi 2026: होली पर काले कपड़े पहनना शुभ या अशुभ? क्यों बचते हैं लोग
Why Avoid Black On Holi: हिंदू धर्म में होली का त्योहार खुशियों और जीवन में नई उमंग भरने वाला माना जाता है. इस साल 4 मार्च को रंगों वाली होली खेली जाएगी, जिसे लेकर लोगों में अभी से बहुत उत्साह है. अक्सर हम देखते हैं कि किसी भी बड़े त्योहार या खुशी के मौके पर लोग काले रंग के कपड़े पहनने से बचते हैं. इसके पीछे पुराने समय से चली आ रही ज्योतिषीय मान्यताएं और ग्रहों का खेल माना जाता है. काला रंग शनि देव से जुड़ा है, जो अनुशासन सिखाते हैं, लेकिन मौज-मस्ती के इस उत्सव में इसे पहनना अच्छा नहीं माना गया है, ऐसे में जानते हैं कि आखिर क्यों होली के पावन मौके पर काले रंग को लेकर सावधानी बरती जाती है और हमारे धर्मग्रंथ इस बारे में क्या कहते हैं.
ज्योतिष शास्त्र की मानें तो रंगों का हमारे मन और आने वाले समय पर बहुत गहरा असर पड़ता है. काला रंग स्वभाव से सूर्य की पूरी रोशनी और ऊर्जा को अपने भीतर सोख लेता है, इसलिए इसे ऊर्जा कम करने वाला रंग माना गया है. होली के आस-पास ग्रहों की स्थिति थोड़ी तेज और उग्र होती है, ऐसे में काला रंग पहनने से व्यक्ति के स्वभाव में भारीपन या चिड़चिड़ापन आने की आशंका बढ़ जाती है.
ऐसी मान्यता है कि यह रंग नकारात्मकता को अपनी ओर खींचने की संभावना रखता है, जिससे मन की सहजता और शांति प्रभावित हो सकती है. त्योहार का दिन खुशियां बांटने का होता है, इसलिए विशेषज्ञों की सलाह रहती है कि इस दिन सफेद या हल्के पीले जैसे रंग पहनने चाहिए ताकि ग्रहों के किसी भी बुरे प्रभाव से बचा जा सके.
त्योहार की मर्यादा और बड़े-बुजुर्गों की सीख
धार्मिक रूप से देखा जाए तो होली का पर्व भगवान विष्णु की कृपा और भक्त प्रह्लाद की जीत की खुशी में मनाया जाता है. शास्त्रों में बताया गया है कि किसी भी शुभ या मंगल काम में काले रंग का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इसे उदासी या शोक का प्रतीक माना जाता है. होली के पवित्र दिन पर काले कपड़े पहनने से पूजा-पाठ के फल में कमी आने की आशंका रहती है.
हमारे घर के बड़े-बुजुर्ग भी हमेशा यही सिखाते हैं कि त्योहार पर मां की कृपा पाने के लिए चमकदार और साफ-सुथरे रंगों का ही चुनाव करना चाहिए. काले कपड़ों की वजह से उत्सव के उत्साह में कमी आने की संभावना रहती है, जिससे घर की सकारात्मक ऊर्जा पर असर पड़ता है. अपनी परंपराओं को निभाते हुए इस दिन काले रंग से दूरी बनाना ही परिवार की सुख-शांति के लिए बेहतर है.
रंगों का हमारे मन और जीवन पर प्रभाव
रंगों का सीधा संबंध हमारे सोचने के तरीके और भविष्य के फैसलों से भी होता है. होली का त्योहार आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है, जहां गुलाल के प्यारे रंग जीवन में ऊर्जा भर देते हैं. वहीं दूसरी ओर, काला रंग गंभीरता और अकेलेपन को दर्शाता है, जो होली की मस्ती और सबके साथ घुलने-मिलने के भाव से बिल्कुल अलग है. इस दिन काले कपड़े पहनने से लोगों से मिलने-जुलने में सहजता की कमी आने की आशंका रहती है.
लोग अक्सर इस रंग से इसलिए बचते हैं ताकि वे बिना किसी चिंता के त्योहार का पूरा आनंद ले सकें और सुरक्षित महसूस करें. खिले हुए रंगों के इस्तेमाल से मन में खुशी और नई शुरुआत करने की संभावना बढ़ जाती है. अपने जीवन के अच्छे संचालन के लिए हमें वही रंग चुनने चाहिए जो हमें भीतर से खुश रखें.
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
