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इलाज होगा सस्ता: अब सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में एक ही रेट पर होंगी खून और सीटी स्कैन जैसी जांचें
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के स्वास्थ्य सिस्टम में एक बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में है। अब सरकारी और निजी अस्पतालों में ब्लड टेस्ट, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी सभी जांचों के दाम एक बराबर कर दिए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए अफसरों को निर्देश दिए हैं। इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन मरीजों को होगा जो सरकारी अस्पतालों में मशीनों के खराब रहने या भारी भीड़ की वजह से मजबूरन प्राइवेट लैब में जाते हैं और वहां उनसे मनमाना पैसा वसूला जाता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीज अपनी सुविधा के हिसाब से किसी भी लैब में जाकर तय रेट पर जांच करा सकेगा।
प्राइवेट अस्पतालों की लूट पर लगेगी लगाम
अभी राज्य में हालत यह है कि जो जांच सरकारी अस्पताल में मुफ्त या बहुत सस्ते में होती है वही जांच बाहर की प्राइवेट लैब में 5 से 10 गुना महंगी पड़ती है। सरकारी अस्पतालों में अक्सर सिटी स्कैन या एमआरआई की मशीनें खराब पड़ी रहती हैं या फिर रिपोर्ट मिलने में कई दिनों का समय लग जाता है। ऐसे में गंभीर मरीज को प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ता है जहां भारी-भरकम बिल उनके बजट को बिगाड़ देता है। सरकार अब एक ऐसा स्टैंडर्ड रेट तय करने जा रही है जिससे मरीजों को यह पता होगा कि उन्हें जांच के लिए कितना पैसा देना है।
लैब संचालकों के साथ जल्द होगी बैठक
सरकार इस योजना को इस तरह लागू करना चाहती है जिससे विवाद न हो। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अफसर अभी रेट चार्ट बनाने पर काम कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि सरकार गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर इलाज देने के लिए यह कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही प्राइवेट अस्पताल और लैब संचालकों के साथ बैठक करेंगे ताकि ऐसी दरें तय की जा सकें जो मरीजों के लिए सस्ती हों और लैब संचालकों को भी काम करने में दिक्कत न आए।
अब रिपोर्ट के लिए नहीं करना होगा लंबा इंतजार
योजना शुरू होने के बाद मरीजों को लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा। मान लीजिए किसी मरीज को रात में इमरजेंसी में सीटी स्कैन की जरूरत है और सरकारी अस्पताल की मशीन बंद है तो वह पास की किसी भी प्राइवेट लैब में जाकर उसी रेट पर जांच करा सकेगा जो सरकार ने तय किया है। इससे गरीबों की जेब पर बोझ कम होगा और इलाज में होने वाली देरी से भी बचा जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे जांच रिपोर्ट में पारदर्शिता आएगी और फर्जी बिलिंग पर भी रोक लगेगी।
मंत्री ने दिया भरोसा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि प्रदेश के हर व्यक्ति को सस्ता इलाज मिले यह हमारी प्राथमिकता है। सरकारी सिस्टम को सुधारने के साथ ही अब प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी पर लगाम कसने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
