वक़्त, विचार और हँसिया: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 100 साल, देखे वीडियो

 वक़्त, विचार और हँसिया: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 100 साल, देखे वीडियो

रायपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) अपने गठन के 100 वर्ष पूरे कर रही है। एक समय था जब यह पार्टी आज़ादी की लड़ाई, मज़दूर–किसान आंदोलनों और सामाजिक न्याय की राजनीति की अगुवा मानी जाती थी। आज, बदलते राजनीतिक समीकरणों और नए सामाजिक-आर्थिक यथार्थ के बीच, वाम आंदोलन अपनी प्रासंगिकता को लेकर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसी पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय जगत विज़न के सीनियर रिपोर्टर इमरान खान ने वामपंथी चिंतक और सीपीएम के प्रदेश सचिव संजय पराते से विशेष बातचीत की। लेकिन उससे पहले समझना ज़रूरी है कि भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन की नींव कैसे पड़ी।

रूस की क्रांति से भारत तक, विचारधारा का सफ़र
भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन की शुरुआत का श्रेय 1917 की रूसी बोल्शेविक क्रांति को दिया जाता है। उसी दौर में जब महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत का राष्ट्रीय आंदोलन गति पकड़ रहा था, दुनिया भर में समाजवादी और कम्युनिस्ट विचारों का प्रभाव तेज़ी से फैल रहा था। बीसवीं सदी के दूसरे दशक में विदेशों में रह रहे कुछ भारतीय और ख़िलाफ़त आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता रूस पहुँचे। वहीं से भारत में एक संगठित कम्युनिस्ट पार्टी के गठन की कोशिशें शुरू हुईं। वर्ष 1920 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के गठन का पहला प्रयास हुआ, हालांकि यह समूह छोटा था और देश से बाहर सक्रिय होने के कारण इसका तत्काल प्रभाव सीमित रहा।

राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़ी कम्युनिज़्म की जड़ें
सीपीएम के प्रदेश सचिव संजय पराते के अनुसार, भारतीय कम्युनिज़्म की जड़ें सीधे राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी हैं। वे बताते हैं, “असहयोग आंदोलन से मोहभंग कर चुके क्रांतिकारी, ख़िलाफ़त आंदोलनकारी, मज़दूर-किसान संगठनों के कार्यकर्ता—सभी सामाजिक और राजनीतिक मुक्ति के नए रास्ते तलाश रहे थे।” 1920 और 1930 के दशक में भारत में वामपंथी धारा मज़बूत होने लगी। आज़ादी की लड़ाई केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित न रहकर सामाजिक और आर्थिक मुक्ति की दिशा में बढ़ने लगी।

Read More धू-धूकर जला दो करोड़ का वाहन, चालक ने कूदकर बचाई जान, शॉर्ट सर्किट की आशंका

समाजवाद की ओर झुकता युवा भारत
इस दौर में समाजवादी विचारधारा युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गई। जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस जैसे नेता इसके प्रमुख प्रतीक बने। इसी वैचारिक माहौल में दो प्रभावशाली राजनीतिक धाराएँ उभरीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी (CSP) संजय पराते के शब्दों में “राष्ट्रीय आज़ादी की लड़ाई और शोषित वर्गों की मुक्ति की लड़ाई—दोनों एक-दूसरे के क़रीब आने लगीं। समाजवादी विचार भारत की ज़मीन में गहरी जड़ें जमाने लगे।”

Read More Raipur News: फूल चौक की करोड़ों की वक्फ दुकान पर बड़ा फैसला, 45 दिन में कब्जा सौंपने का आदेश; किराये को लेकर था विवाद

सौ साल बाद: चुनौतियाँ और सवाल
आज, जब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी अपने 100 साल पूरे कर चुकी है, राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। इसी सदी में अस्तित्व में आया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) आज पहले से कहीं अधिक मज़बूत स्थिति में है, जबकि वामपंथी दल अपने पुराने जनाधार और प्रभाव को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सवाल यही है कि क्या वक़्त की धारा ने हँसिए की धार को कुंद कर दिया है? या फिर बदलते समय के साथ वाम आंदोलन खुद को नए सिरे से गढ़ पाएगा? इसका जवाब आने वाला दौर देगा।

Latest News

डाइट से हटाने का आदेश हाई कोर्ट ने किया रद्द, सहायक ग्रेड-3 को बड़ी राहत, पकड़ी विभागीय आदेश की खामी डाइट से हटाने का आदेश हाई कोर्ट ने किया रद्द, सहायक ग्रेड-3 को बड़ी राहत, पकड़ी विभागीय आदेश की खामी
अतिक्रमण हटाने पहुंची निगम की टीम से भिड़ गया दुकानदार, बलिदानी स्मारक के पास हंगामा
किडनी ट्रांसप्लांट के बाद इलाज की मजबूरी बनी तबादले का आधार, हाई कोर्ट ने दी एडीएम को दी अंतरिम राहत
LPU Violence Case: हाई कोर्ट की पंजाब पुलिस को फटकार, आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश
Sahibganj News: बांग्लादेशी युवक के पास पाकिस्तान-नेपाल की मुद्रा मिलने से जांच तेज, रांची ATS ने संभाली पड़ताल
Kanker Liquor Case: भानुप्रतापपुर शराब कांड में बड़ा अपडेट, 4 हजार से ज्यादा खाली बोतलें मिलने के मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार
अनुकंपा नौकरी पर छिड़ा विवाद, हाई कोर्ट ने मां के दावे को दी प्राथमिकता
Pendra News: केंदा घाटी के अंधे मोड़ पर दो भारी वाहन दुर्घटनाग्रस्त, खाई में लटका ट्रक और पलटा ट्रेलर
Dalli Rajhara News: स्टेशन पर छूटा नकदी और दस्तावेजों से भरा बैग, RPF ने सुरक्षित लौटाकर पेश की मिसाल
खुले आसमान के नीचे विराजती हैं शिकारी माता, मंदिर पर आज तक नहीं टिक सकी छत, पांडवों से जुड़ी है मंदिर की मान्यता
3 जिले में चोरी की 10 वारदातों का हुआ खुलासा, दिन में सूने मकानों की रेकी, फिर ताला तोड़कर करते थे चोरी, तीन आरोपी गिरफ्तार
वारली कला के रंगों में सजी रेल क्लब, बच्चों से लेकर बड़ों तक ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा, नई पीढ़ी ने सीखी पारंपरिक कला