बिल्हा एसबीआई में 2.06 करोड़ का गबन: एसीबी ने आरोपी महिला कैशियर को दबोचा; रिकॉर्ड में हेरफेर कर उड़ाए थे बैंक के पैसे

बिलासपुर |   जिले के बिल्हा में बैंकिंग धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की बिल्हा शाखा में हुए करोड़ों के गबन मामले में मुख्य आरोपी महिला कैशियर को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई आरोपी का नाम तेजवथ थीरापतम्मा है जो मूल रूप से आंध्र प्रदेश के खम्मम जिले की रहने वाली है। उस पर आरोप है कि उसने बैंक के डिजिटल और कागजी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर कुल 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार 600 रुपये का गबन किया और इस भारी-भरकम राशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।

Screenshot_20260226_193148_Dainik Bhaskar

15 दिनों के भीतर रचा गया धोखाधड़ी का खेल

Read More दुर्ग में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़: म्यूल अकाउंट्स से करोड़ों का ट्रांजैक्शन, 4 आरोपी गिरफ्तार

इस वित्तीय घोटाले की जड़ें दिसंबर 2024 से जुड़ी हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी महिला कैशियर ने 19 दिसंबर 2024 से 2 जनवरी 2025 के बीच इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। शाखा प्रबंधक पीयूष बारा ने जब बैंक के खातों और रिकॉर्ड का मिलान किया तो करोड़ों की राशि गायब मिली। इसके बाद उन्होंने मामले की औपचारिक शिकायत रायपुर स्थित एसीबी मुख्यालय में दर्ज कराई।शिकायत के आधार पर 19 जनवरी 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(ए), 13(2) और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई थी।

Read More शिक्षक बनने की आस, सलाखों के पीछे की रात: रायपुर में 120 अभ्यर्थी हिरासत में

चाय नाश्ते और रखरखाव के खर्च में छिपाया गबन का पैसा

एसीबी की प्रारंभिक विवेचना और बैंक द्वारा कराई गई विभागीय जांच में बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी कैशियर ने गबन की गई रकम को सीधे तौर पर छिपाने के बजाय बैंक के दैनिक खर्चों के मद में समायोजित करने की कोशिश की। उसने बैंक द्वारा दी जाने वाली सेवाओं जैसे पेय पदार्थ, भोजन, किराया और रखरखाव आदि के फर्जी मद तैयार किए और रिकॉर्ड में इन खर्चों को दिखाकर हिसाब बराबर करने का प्रयास किया। विवेचना के दौरान यह भी पता चला कि गबन की गई राशि को एक सुनियोजित तरीके से कई अन्य खातों में भेजा गया था।

निलंबन के बाद से थी फरार, मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार 

तेजवथ को गबन की पुष्टि होने के बाद जून 2025 में ही निलंबित कर दिया गया था। निलंबन अवधि के दौरान उसका अटैचमेंट रीजनल बिजनेस ऑफिस (आरबीओ) जगदलपुर में किया गया था लेकिन वह अपनी ड्यूटी पर कभी उपस्थित नहीं हुई और लगातार फरार चल रही थी। 26 फरवरी 2026 को एसीबी को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी महिला बिल्हा स्थित स्टेट बैंक शाखा के पास देखी गई है। सूचना मिलते ही एसीबी की टीम ने घेराबंदी की और उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने और साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।


मोबाइल डेटा और नेटवर्क खंगाल रही है एसीबी 


पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी के पास से उसका मोबाइल फोन जब्त किया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल के डेटा की जांच से बैंक के उन अन्य कर्मचारियों और सहयोगियों सुराग मिलेगा जिन्होंने इस बड़ी साजिश में कैशियर का साथ दिया था। एसीबी अब लेनदेन की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।

आरोपी को बिलासपुर स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया गया है।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

More News

बिल्हा एसबीआई में 2.06 करोड़ का गबन: एसीबी ने आरोपी महिला कैशियर को दबोचा; रिकॉर्ड में हेरफेर कर उड़ाए थे बैंक के पैसे

राज्य

रांची में इंटरनेशनल ड्रग रैकेट का पर्दाफाश, यूरोप से मंगाई जा रही थी LSD रांची में इंटरनेशनल ड्रग रैकेट का पर्दाफाश, यूरोप से मंगाई जा रही थी LSD
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित ड्रग नेटवर्क का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस...
POCSO Case Update: पीड़ित बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि का दावा, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें
Bhubaneswar Gas Leak: आधी रात अमोनिया गैस रिसाव से मचा हड़कंप, कोल्ड स्टोरेज हादसे से दहशत में आया पूरा इलाका
Bhopal Crime News: साध्वी रंजना और शिष्यों पर हमला, कार में तोड़फोड़; कार्रवाई में देरी पर विहिप-बजरंग दल ने घेरा थाना
NCERT विवाद पर सुप्रीम कोर्ट नाराज़: माफी के बावजूद नहीं थमा मामला, जिम्मेदारों पर सवाल