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धान खरीदी में बड़ा खेल: सूरजपुर में 6,470 बोरी गायब, 80 लाख का झटका
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सूरजपुर जिले के भैयाथान तहसील स्थित सारारावां धान खरीदी केंद्र में बड़े पैमाने पर घोटाले का खुलासा हुआ है। भौतिक सत्यापन के दौरान यहां से 6,470 बोरी धान गायब पाई गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है। धान के स्टॉक में भारी कमी सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है।
कागजों में पूरा स्टॉक, जमीन पर बड़ा अंतर
जांच रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र में कुल 4,842 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई थी। इसमें से अब तक 240 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। इस हिसाब से केंद्र में 40,602 क्विंटल धान मौजूद होना चाहिए था, लेकिन जब अधिकारियों ने भौतिक सत्यापन किया तो मात्र 34,132 क्विंटल धान ही पाया गया। रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच के इस बड़े अंतर ने हेराफेरी और गड़बड़ी की आशंका को और मजबूत कर दिया है।
समिति प्रबंधक जवाब देने में असफल, जांच के आदेश
निगरानी समिति ने जब इस मामले में समिति प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद धान केंद्र संचालक के खिलाफ औपचारिक जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि आशंका है कि कागजों में धान की खरीदी दर्ज कर वास्तविक खरीदी नहीं की गई, या फिर धान को अवैध रूप से बाहर खपाया गया है।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कर आर्थिक अपराध की धाराएं भी लगाई जा सकती हैं।
सूरजपुर में पहले भी सामने आ चुके हैं घोटाले
गौरतलब है कि सूरजपुर जिले में इससे पहले भी रामानुजनगर तहसील के छिंदया धान केंद्र में करोड़ों रुपये के घोटाले सामने आ चुके हैं। लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
