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छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर को मिला बड़ा हवाई तोहफा, कोलकाता से सीधी कनेक्टिविटी शुरू, पहली फ्लाइट में खाली रहीं ज्यादातर सीटें
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर को अब देश के बड़े महानगरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिलने लगी है। क्षेत्रीय हवाई सेवा को मजबूती देते हुए एलायंस एयर ने अंबिकापुर से कोलकाता के बीच डायरेक्ट फ्लाइट शुरू कर दी है। हालांकि शुरुआत में यात्रियों की संख्या काफी कम रही, जिससे इस रूट की डिमांड पर सवाल भी उठ रहे हैं।
सप्ताह में दो दिन उड़ान, गुरुवार को पहली सेवा
नई हवाई सेवा के तहत अंबिकापुर-कोलकाता फ्लाइट सप्ताह में दो दिन गुरुवार और शनिवार संचालित की जा रही है। गुरुवार को पहली उड़ान बिलासपुर के रास्ते अंबिकापुर पहुंची और वहां से कोलकाता के लिए रवाना हुई। सुबह करीब 10:25 बजे अंबिकापुर से उड़ान भरने वाली इस पहली फ्लाइट में केवल तीन यात्रियों ने सफर किया, जो शुरुआती रिस्पॉन्स को दर्शाता है।
72 सीटर विमान, किफायती किराया
इस रूट पर 72 सीटों वाले विमान का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों को आकर्षित करने के लिए बेस फेयर लगभग 6,000 रुपये रखा गया है, जो क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी के हिसाब से किफायती माना जा रहा है। एयरलाइन का मानना है कि समय के साथ यात्रियों की संख्या बढ़ेगी और यह रूट व्यावसायिक रूप से सफल होगा।
दिल्ली से भी जुड़ा अंबिकापुर
अंबिकापुर अब सिर्फ कोलकाता ही नहीं, बल्कि दिल्ली से भी सीधे जुड़ चुका है। हाल ही में अंबिकापुर-दिल्ली फ्लाइट सेवा की शुरुआत की गई, जो सप्ताह में दो दिन सोमवार और बुधवार चल रही है। इस रूट का किराया करीब 6,500 रुपये तय किया गया है। नई सेवाओं के जरिए अंबिकापुर को देश के दो प्रमुख महानगरों से जोड़ने का लक्ष्य पूरा हुआ है।
मां महामाया एयरपोर्ट से बढ़ी कनेक्टिविटी
दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट से शुरू हुई इन उड़ानों ने सरगुजा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई दिशा दी है। इससे व्यापार, पर्यटन और मेडिकल ट्रैवल को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों के लिए अब लंबी दूरी तय करने के बजाय सीधे फ्लाइट का विकल्प उपलब्ध हो गया है।
वाराणसी रूट की भी तैयारी
अंबिकापुर से वाराणसी के लिए भी हवाई सेवा शुरू करने की मांग तेज हो गई है। रायपुर-अंबिकापुर-वाराणसी रूट को लेकर जनप्रतिनिधियों ने पहल की है और निजी एयरलाइंस से बातचीत भी की गई है। हालांकि अभी इस रूट को लेकर आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं हुआ है, लेकिन जल्द ही नई फ्लाइट शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
शुरुआती चुनौती: यात्रियों की कमी
पहली ही उड़ान में केवल तीन यात्रियों का सफर करना एयरलाइन के लिए चिंता का विषय हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस रूट को सफल बनाने के लिए बेहतर प्रमोशन और यात्रियों की जागरूकता जरूरी होगी। अगर डिमांड बढ़ती है, तो यह सेवा क्षेत्र के विकास में बड़ा रोल निभा सकती है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
