बुलंदशहर में मंच से खुलेआम धमकी! BJP नेता बोले- TMC सांसद सायोनी घोष का सिर लाओ, 1 करोड़ पाओ
बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान दिया गया बयान अब बड़े विवाद में बदलता जा रहा है। सिकंदराबाद नगर पालिका चेयरमैन और भाजपा नेता Pradeep Dixit ने तृणमूल कांग्रेस सांसद Saayoni Ghosh को लेकर मंच से ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बीच दिए गए इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और अब यह मामला प्रदेश की राजनीति में नया विवाद बनता दिख रहा है।
दरअसल, विवाद की जड़ एक कथित सोशल मीडिया पोस्ट को बताया जा रहा है, जिसमें सायोनी घोष पर भगवान शिव और शिवलिंग को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया। इसी मुद्दे को लेकर सिकंदराबाद में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन आयोजित किया था। कार्यक्रम के दौरान मंच से बोलते हुए भाजपा नेता प्रदीप दीक्षित ने कथित तौर पर कहा कि जो व्यक्ति सांसद का “सिर काटकर लाएगा”, उसे एक करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों ने भाजपा पर तीखा हमला शुरू कर दिया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी तेज हो गया है। कांग्रेस नेताओं और कई सामाजिक संगठनों ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष एडवोकेट जियाउर्रहमान ने कहा कि इस तरह के बयान महिला सम्मान और संवैधानिक मूल्यों दोनों के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि सत्ता पक्ष के नेता लगातार उग्र भाषा का इस्तेमाल कर सामाजिक तनाव बढ़ाने का काम कर रहे हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर भी इस बयान को लेकर बहस छिड़ गई है।
हालांकि, अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक कार्रवाई सामने नहीं आई है। बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि मामले की जानकारी ली जा रही है और शिकायत मिलने पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस बीच वायरल वीडियो ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल और सोशल मीडिया की आक्रामक राजनीति के बीच इस तरह की बयानबाजी आने वाले दिनों में और बड़ा विवाद खड़ा कर सकती है।
घटना ने एक बार फिर राजनीतिक संवाद की भाषा और सार्वजनिक मंचों पर नेताओं की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष जहां इसे “नफरत की राजनीति” बता रहा है, वहीं भाजपा की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
