कागजों पर लहलहा रहे 52 हजार पेड़: नई माताओं के नाम पर रायपुर में ग्रीन पालना फर्जीवाड़ा, वन विभाग के आंकड़ों ने खोली पोल

कागजों पर लहलहा रहे 52 हजार पेड़: नई माताओं के नाम पर रायपुर में ग्रीन पालना फर्जीवाड़ा, वन विभाग के आंकड़ों ने खोली पोल

रायपुर। पर्यावरण संरक्षण और नई जिंदगी के जश्न को जोड़ने के लिए रायपुर जिला प्रशासन ने जून 2025 में बड़े जोर-शोर से ग्रीन पालना योजना की शुरुआत की थी। मकसद था कि जब कोई मां बच्चे को जन्म दे, तो वह अस्पताल से 5 फलदार पौधे लेकर जाए और उन्हें रोपे। लेकिन चंद महीनों में ही यह महत्वाकांक्षी योजना भ्रष्टाचार और कागजी खानापूर्ति की भेंट चढ़ गई है। हालात यह हैं कि सरकारी फाइलों में 52 हजार से ज्यादा पौधे बांटे जा चुके हैं, लेकिन असलियत में ये पौधे जमीन पर नहीं, बल्कि सिर्फ कागजों पर लहलहा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जितने पौधे वन विभाग ने दिए ही नहीं, उससे ज्यादा बांटे कैसे गए?

 कहां से आए 6 हजार 'भूतिया' पौधे?

योजना के तहत प्रसूताओं को आम, आंवला, अमरूद, मुनगा और पपीते के पौधे देने का नियम है। जिला स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक 10,563 प्रसूताओं को 52,815 पौधे दिए जा चुके हैं। अकेले कालीबाड़ी अस्पताल ने 18,580 पौधे बांटने का बड़ा दावा ठोक दिया है।  वन विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि उन्होंने एक साल में स्वास्थ्य विभाग को कुल 46,620 पौधे ही सप्लाई किए हैं।

ओ जब पौधे ही 46,620 मिले, तो 52,815 बांटे कैसे गए? करीब 6,195 पौधों का यह अंतर साफ इशारा कर रहा है कि फाइलों में भूतिया पौधों की एंट्री की गई है।

Read More पोस्ट ऑफिस की RD के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा! 150 से ज्यादा खाताधारकों से करोड़ों की ठगी, एजेंट गिरफ्तार

 

Read More Gold Smuggling: बेल्ट से टिफिन तक… तस्करों ने बदले सोना छिपाने के तरीके, छत्तीसगढ़ में 50 करोड़ से ज्यादा के सिंडिकेट की जांच

 न पौधे मिले, न लगाने की जगह है

 

मातृ एवं शिशु अस्पताल जैसे बड़े केंद्रों में रोज मुश्किल से 3-4 महिलाओं को और ग्रामीण केंद्रों में 1-2 महिलाओं को पौधे दिए जा रहे हैं। जब हितग्राहियों के रिकॉर्ड खंगाले गए, तो एक अलग ही फर्जीवाड़ा सामने आया:

 

आरती राठौर और यामिनी यादव सरकारी रजिस्टर में दर्ज है कि इन्हें योजना के तहत पौधे सौंपे गए हैं, लेकिन इन्होंने साफ इंकार किया है। उन्हें अस्पताल से कोई पौधा नहीं मिला।

 नाम रूबी पाल:- कागजों में इन्हें भी लाभार्थी बताया गया। इन्होंने पौधे मिलने की बात मानी, लेकिन जब रोपे गए पौधों की तस्वीर मांगी गई, तो उनके पास कोई प्रमाण नहीं था।

 

बिना विजन की योजना, मॉनिटरिंग जीरो

 

योजना बनाते समय सबसे बड़ी व्यावहारिक दिक्कत को नजरअंदाज कर दिया गया। शहर में किराए के छोटे मकानों में रहने वाली या स्लम में रहने वाली महिलाएं एक साथ 5 पेड़ कहां लगाएंगी? नतीजा यह है कि मजबूरन कई प्रसूताएं इन पौधों को अस्पताल परिसर में ही लावारिस छोड़ जाती हैं। मॉनिटरिंग की कोई व्यवस्था नहीं होने से यह योजना फ्लॉप साबित हो रही है।

इस पूरे मामले में रायपुर जिला प्रशासन का कहना है कि, ग्रीन पालना के तहत पौधे निःशुल्क बांटे जाते हैं। ये पौधे सिर्फ वन विभाग से ही नहीं, बल्कि मनरेगा और कृषि विभाग की नर्सरियों से भी लिए जाते हैं।

Error on ReusableComponentWidget
Tags:

Latest News

छत्तीसगढ़ में 22 IAS अफसरों के तबादले... कांकेर, कबीरधाम समेत 5 जिलों को मिले नए कलेक्टर, देखें लिस्ट  छत्तीसगढ़ में 22 IAS अफसरों के तबादले... कांकेर, कबीरधाम समेत 5 जिलों को मिले नए कलेक्टर, देखें लिस्ट 
जिला पंचायत CEO के खिलाफ BSP का प्रदर्शन, FIR और बर्खास्तगी की मांग
बैकुंठपुर से बनारस तक फैले टिकट दलाली नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
मीना खलखो हत्याकांड: दो जवानों की रिहाई बरकरार, हाई कोर्ट ने राज्य की अपील की खारिज
बाल सुधार गृह में रेप आरोपी की संदिग्ध मौत, फांसी के फंदे पर मिली लाश, एक महीने पहले चौकीदार की हुई थी हत्या
नमक की बोरियों के नीचे छिपा था ‘काला कारोबार’! सुकमा में 308 किलो गांजा जब्त, राजस्थान के दो युवक गिरफ्तार
हिमाचल में बारिश का रौद्र रूप: पहाड़ टूटकर पटरी पर गिरा, कालका-शिमला ट्रेन थमी; हाईवे भी मलबे में घिरा
रायपुर में रेलवे ट्रैक पर 19 साल के युवक की लाश, शरीर पर चोटों ने बढ़ाया शक; हत्या के एंगल से जांच तेज
हाई कोर्ट के आदेशों की अनदेखी पर सूरजपुर जिला पंचायत सीईओ को नोटिस, अवमानना कार्रवाई की चेतावनी
बिलासपुर में मॉडल थाना बनाने की पहल, एसएसपी ने लिया सिविल लाइन थाना को गोद
Royal Challenge से McDowell’s तक बदल सकता है स्वाद! Diageo ने बदला फॉर्मूला, फ्लेवरिंग नियमों के बाद पूरे भारत में होगी नई व्यवस्था
जंतर-मंतर प्रदर्शन में Face Recognition पर दिल्ली पुलिस का सुप्रीम कोर्ट में जवाब, बोली- ‘शांतिपूर्ण छात्रों को निशाना नहीं बनाया’