राजधानी में डिजिटल ठगी का बड़ा मामला: 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर कैद RTO एजेंट, मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर 17.15 लाख ऐंठे

राजधानी में डिजिटल ठगी का बड़ा मामला: 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर कैद RTO एजेंट, मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर 17.15 लाख ऐंठे

रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर अपराधियों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर संगठित ठगी को अंजाम देते हुए एक RTO एजेंट से 17 लाख 15 हजार रुपये की रकम हड़प ली। आरोपियों ने खुद को Anti-Terrorism Squad (मुंबई ATS) का अधिकारी बताकर पीड़ित और उसके परिवार को 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा और डर के माहौल में रकम ट्रांसफर करा ली।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी
टिकरापारा निवासी शरद कुमार तिवारी को अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि उनके आधार और बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में हुआ है। गिरफ्तारी से बचने और “जांच में सहयोग” के नाम पर उन्हें तुरंत वीडियो कॉल पर जुड़ने को कहा गया। साइबर ठगों ने गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाते हुए लगातार दबाव बनाया। उन्हें निर्देश दिया गया कि वे किसी से संपर्क न करें और कॉल पर बने रहें।

परिवार को भी बनाया निशाना
आरोपियों ने पीड़ित के परिवार के सदस्यों को भी वीडियो कॉल पर शामिल किया। मानसिक दबाव बनाते हुए उन्हें घर से बाहर न निकलने और किसी को जानकारी न देने की चेतावनी दी गई। भय और भ्रम की स्थिति में परिवार आरोपियों के निर्देशों का पालन करता रहा। इसी दौरान बैंक खातों की जानकारी लेकर अलग-अलग किश्तों में कुल 17.15 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।

Read More LPU में रेप की अफवाह के बाद भड़का विवाद, हाईवे जाम और आगजनी के बीच परीक्षाएं टलीं

मामला दर्ज, जांच शुरू
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

Read More हादसा नहीं थी बुजुर्ग की मौत! जादू-टोने के शक में रची गई हत्या की साजिश, बोलेरो से कुचलकर वारदात को दुर्घटना का दिया रूप

पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी केंद्रीय एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती और न ही बैंक खाते की गोपनीय जानकारी मांगती है। नागरिकों से अपील की गई है कि ऐसे किसी भी कॉल पर भरोसा न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में सूचना दें। लगातार बढ़ते ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामलों के बीच यह घटना एक बार फिर सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

Latest News

डायरी से अदालत तक पहुंची कोल लेवी की कड़ी, देवेंद्र यादव को ईओडब्ल्यू का नोटिस, इस दिन विशेष अदालत में पेश होने के निर्देश डायरी से अदालत तक पहुंची कोल लेवी की कड़ी, देवेंद्र यादव को ईओडब्ल्यू का नोटिस, इस दिन विशेष अदालत में पेश होने के निर्देश
Facebook पर दोस्ती, शादी का वादा और फिर इनकार! युवती की शिकायत के बाद युवक गिरफ्तार, पुलिस जांच में जुटी
Goldy Brar के नाम पर रंगदारी का खेल! दुबई से आती थी धमकी भरी कॉल, दिल्ली पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 4 को दबोचा
Tarantaran BSF Action: सीमा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, तरनतारन सेक्टर में दो संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक मारे गए
जो जानकारी रिकॉर्ड में ही नहीं, उसे देने का आदेश नहीं दिया जा सकता: हाईकोर्ट, तय की आरटीआई की सीमा
मुगलसराय का ‘नन्हा’ बच्चा, जो अंग्रेजी हुकूमत के सामने कभी नहीं झुका
हाईकोर्ट: पुराने मामलों पर नहीं चलेगा नया नियम, स्टडी लीव बढ़ाने की याचिकाएं खारिज
आत्महत्या मानने को तैयार नहीं परिवार! SF-6 जवान की मौत पर सड़क पर रखा शव, हत्या की आशंका से गरमाया मामला
रात में बिस्तर से गायब हुई तीन माह मासूम, सुबह पानी के ड्रम में मिली लाश, पुलिस जांच में खुला मौत का खौफनाक राज
हॉस्टल की रसोई में बड़ा हादसा! गर्म दाल की चपेट में आए दो छात्र, परीक्षा भी छूटी; परिजनों ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
स्कूल पहुंचे बच्चे, लेकिन गुरुजी रहे गायब, डिजिटल निगरानी में 1618 शिक्षक गैरहाजिर
पत्नी से विवाद के बाद ससुराल में खौफनाक हरकत! आधी रात घर में घुसा पति, दादा-पोते पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप