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रायपुर के 23 पीएमश्री स्कूलों का होगा टेस्ट, 200 बड़े अफसर दिल्ली से आकर परखेंगे पढ़ाई का लेवल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पीएमश्री स्कूलों में अब केवल कागजों पर पढ़ाई नहीं चलेगी, क्योंकि खुद दिल्ली के बड़े साहब अब सीधे स्कूलों की चौखट पर दस्तक देने वाले हैं। केंद्र सरकार ने रायपुर जिले के 23 समेत प्रदेश के सभी 341 स्कूलों की हकीकत जांचने का बड़ा प्लान बनाया है। इसके लिए 200 सेंट्रल सेक्रेटरी स्तर के अफसरों की फौज तैयार की गई है, जो यह देखेंगे कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद बच्चों को डिजिटल क्लास और लैब का फायदा मिल भी रहा है या नहीं।
बड़े अफसरों की फौज और 21 कड़े पैमाने
शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि यह कोई सामान्य निरीक्षण नहीं है। दिल्ली से आने वाले ये अफसर 21 अलग-अलग पैमानों पर स्कूलों को कसेंगे। इसमें मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि कंप्यूटर लैब और स्मार्ट क्लास सिर्फ सजावट के लिए हैं या बच्चे उन पर काम भी कर रहे हैं। अफसरों को साफ निर्देश हैं कि वे स्कूलों में जाकर बच्चों और शिक्षकों से सीधे बात करें ताकि जमीनी सच्चाई सामने आ सके।
इन खास बातों पर रहेगी पैनी नजर
- अफसरों की जांच सूची में कुछ बड़े पॉइंट्स शामिल किए गए हैं:
- डिजिटल पढ़ाई: क्या आईसीटी लैब में कंप्यूटर चालू हालत में हैं?
- हुनर की बात: हाई स्कूल के बच्चों को किसी प्रोफेशनल काम की ट्रेनिंग मिल रही है या नहीं?
- करियर गाइडेंस: क्या बच्चों को 12वीं के बाद आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया जा रहा है?
- शिक्षक ट्रेनिंग: प्रिंसिपल्स और टीचर्स को नई तकनीक की जानकारी है या वे पुराने ढर्रे पर ही चल रहे हैं?
- रायपुर के स्कूलों में मची खलबली
राजधानी के 12 हायर सेकेंडरी और 11 सेकेंडरी स्कूलों में इस खबर के बाद से तैयारियां की जा रही हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अगर किसी स्कूल में कमी पाई गई तो उस पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। विभाग का लक्ष्य इन स्कूलों को मॉडल बनाना है, लेकिन अफसरों की इस अचानक होने वाली जांच ने स्कूल स्टाफ की मुश्किलें बढ़ गई है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
