हद हो गई....जेल के अंदर भी चल रहा खौफ का खेल हत्या के प्रयास का आरोपी फोन पर दे रहा धमकी...
बिलासपुर। रतनपुर में पुलिस और जेल प्रशासन की व्यवस्था की पोल खुल गई है। हत्या के प्रयास के आरोप में जेल में बंद मुख्य आरोपी अरविंद जायसवाल सलाखों के पीछे से अपना नेटवर्क चला रहा है। वह जेल के अंदर से फोन कर मामले के प्रार्थी को लगातार धमका रहा है। प्रार्थी निरंजन सिंह ने अब अपनी जान को खतरा बताते हुए जेल अधीक्षक और रतनपुर थाना प्रभारी से लिखित शिकायत की है और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला
रतनपुर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक दो गांधीनगर का है। जमीन विवाद को लेकर निरंजन सिंह और राजेश सिंह पर कुछ दिन पहले जानलेवा हमला हुआ था। घटना दिनदहाड़े अधिकारियों के सामने हुई थी। राजस्व विभाग की टीम वहां जमीन का सीमांकन करने पहुंची थी। उसी टीम के सामने अरविंद जायसवाल रविन्द्र जायसवाल दीपक और अमित ने अपनी गुंडागर्दी दिखाते हुए दोनों भाइयों पर जानलेवा हमला कर दिया था। इस दौरान एक भाई के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए धारा 307 506 294 323 34 के तहत केस दर्ज किया और आरोपियों को जेल भेज दिया था।
पुलिस रिकॉर्ड में मुख्य आरोपी अरविंद जायसवाल जेल की चारदीवारी में कैद है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कह रही है। प्रार्थी का आरोप है कि अरविंद उसे जेल से फोन कर धमका रहा है और केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। इतना ही नहीं आरोपी के परिवार वाले भी प्रार्थी के घर पहुंचकर जबरन समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं। जब प्रार्थी ने समझौता करने से मना कर दिया तो आरोपी पक्ष अब उसे और मामले के गवाहों को झूठी शिकायतों में फंसाकर परेशान कर रहा है।
दिनदहाड़े सरकारी अधिकारियों के सामने हमला करने वाले आरोपी का जेल से फोन करना गंभीर मामला है। आखिर एक कैदी के पास जेल में मोबाइल कैसे पहुंचा और वह वहां से धमकियां कैसे दे रहा है। रतनपुर थाना प्रभारी शांत कुमार साहू का कहना है कि प्रार्थी का आवेदन मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, प्रार्थी का परिवार दहशत में है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।
