गार्ड गायब, सीसीटीवी बंद: सरोना शराब दुकान से 7 लाख कैश और शराब पार, खुली सुरक्षा की पोल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी शराब दुकानों की सुरक्षा और कैश मैनेजमेंट भगवान भरोसे है। राजधानी रायपुर के सरोना स्थित कंपोजिट विदेशी शराब दुकान में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चोर दुकान का ताला तोड़कर दराज में रखे 7 लाख रुपए नगद और 15 हजार रुपए की शराब लेकर रफूचक्कर हो गए। हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात के वक्त दुकान की सुरक्षा में तैनात गार्ड मौके से नदारद था। रविवार सुबह जब कर्मचारी दुकान खोलने पहुंचे, तब चोरी का पता चला। आमानाका थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को इसमें किसी लोकल गिरोह पर शक है।
गार्ड के जाते ही चोरों ने बोला धावा
पुलिस के मुताबिक सरोना की इस कंपोजिट शराब दुकान में सुरक्षा के लिए मनोज साहू नाम के गार्ड की ड्यूटी थी। शनिवार रात 10 बजे दुकान बंद होने के बाद कर्मचारियों ने करीब एक घंटे तक कैश का हिसाब-किताब किया। रात 11 बजे सुपरवाइजर और बाकी कर्मचारी दुकान बढ़ाकर चले गए। इसके कुछ ही देर बाद तैनात सुरक्षा गार्ड भी दुकान को सूना छोड़कर अपने घर चला गया। दूसरा गार्ड पहले से ही छुट्टी पर था। दुकान को पूरी तरह खाली देखकर चोरों ने देर रात करीब 1 बजे धावा बोल दिया। चोरों को पहले से पता था कि काउंटर के अंदर मोटी रकम रखी हुई है।
बाइक पर ढोया जा रहा लाखों का कैश
यह चोरी सिर्फ एक वारदात नहीं है, बल्कि आबकारी विभाग के दावों की पोल खोलती है। प्रदेश की करीब 90 फीसदी सरकारी शराब दुकानों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। नियमों के मुताबिक दिनभर की कमाई को रात में ही नजदीकी थाने में सुरक्षित जमा कराया जाना चाहिए। इसके उलट कई दुकानों में लाखों का कैश रातभर ऐसे ही छोड़ दिया जाता है। इतना ही नहीं, रोजाना होने वाली लाखों की कमाई को सेल्समैन बाइक पर बैग में रखकर ले जाते हैं। बिना किसी सुरक्षा के बाइक से कैश ढोने के कारण आए दिन लूट की घटनाएं हो रही हैं।
अंदरूनी सांठगांठ की आशंका
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शराब दुकानों में होने वाली चोरियों में अक्सर वर्तमान या पूर्व कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध होती है। उन्हें अच्छी तरह पता होता है कि किस दिन दुकान में ज्यादा बिक्री हुई है और कैश कहां रखा जाता है। कई दुकानों के सीसीटीवी कैमरे महीनों से खराब पड़े हैं। जो गार्ड तैनात हैं, वे भी रात में लापरवाही बरतते हैं। पुलिस का कहना है कि शराब दुकान संचालित करने वाली एजेंसियों को सुरक्षित चारपहिया वाहनों से ही कैश कलेक्शन करना चाहिए और दुकानों में रात को पैसा छोड़ने की गलती बंद करनी होगी।
