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सरकारी रेस्ट हाउस में बार बालाओं के अश्लील डांस को मंत्री नेताम ने बताया कला बोले हर जगह भजन नहीं होता
बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी विश्राम गृह अब आरामगाह की जगह मनोरंजन के केंद्र बनते जा रहे हैं। सूरजपुर के कुमेली रेस्ट हाउस में हुए बार बालाओं के अश्लील डांस पर कार्रवाई करने के बजाय प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इसे कला का नाम देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। मंगलवार को बैकुंठपुर पहुंचे मंत्री से जब पत्रकारों ने इस शर्मनाक घटना पर सवाल पूछा तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेने के बजाय बड़े हल्के अंदाज में टाल दिया। मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब पूरा प्रदेश सरकारी संपत्तियों के इस तरह दुरुपयोग पर गुस्से में है।
मंत्री जी की नजर में अश्लीलता भी कला है
सूरजपुर के सरकारी रेस्ट हाउस में हुए इस नाच गाने को मंत्री रामविचार नेताम ने बड़ी सहजता से जायज ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि कला तो कला ही है और इसका क्षेत्र बहुत बड़ा होता है। मंत्री यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कह दिया कि क्या आप चाहते हैं कि हर जगह केवल भजन और सीता राम का नाम ही जपा जाए। मंत्री ने स्कूल और सामाजिक कार्यक्रमों के डांस की तुलना रेस्ट हाउस में हुए इस फूहड़ प्रदर्शन से कर दी। उनके इस बयान से ऐसा लग रहा है जैसे सरकारी नियम कायदे और मर्यादा सिर्फ किताबों तक ही सीमित रह गए हैं।
एक तरफ सफाई तो दूसरी तरफ पर्दा डालने की कोशिश
हैरानी की बात यह है कि जहां एक तरफ वन और पर्यावरण मंत्रालय ने इस घटना के बाद अपनी साख बचाने के लिए आनन फानन में प्रदेश के सभी रेस्ट हाउसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश जारी कर दिया है वहीं सरकार के ही एक कद्दावर मंत्री इसे मनोरंजन बता रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब हर कोने पर नजर रखी जाएगी। अब सवाल यह उठता है कि जब मंत्री खुद इसे गलत नहीं मान रहे हैं तो फिर सीसीटीवी कैमरे लगाकर विभाग क्या हासिल करना चाहता है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
