सुकमा में नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी: ओडिशा स्टेट कमेटी सदस्य सुदर्शन समेत 15 हार्डकोर नक्सलियों का सरेंडर, हथियारों का जखीरा बरामद

सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके सुकमा से सुरक्षा बलों को बड़ी रणनीतिक सफलता मिली है। जिले में चलाए जा रहे लगातार नक्सल विरोधी अभियान के बीच 15 सक्रिय नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में प्रतिबंधित नक्सली संगठन की ओडिशा स्टेट कमेटी से जुड़ा हार्डकोर सदस्य सुदर्शन भी शामिल है, जिसे सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से तलाश रही थीं।

लगातार दबाव और अभियान का असर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली सरायपाली क्षेत्र के घने बलौदा जंगलों में सक्रिय थे और संगठन के लिए विभिन्न गतिविधियों में शामिल रहे थे। क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त ऑपरेशन, बढ़ती घेराबंदी और राज्य सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के चलते इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

हथियारों के साथ किया सरेंडर
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को 14 ऑटोमैटिक और देशी हथियार सौंपे। बरामद हथियारों में रायफल सहित कई घातक हथियार शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल पूर्व में नक्सली घटनाओं में किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार ये सभी नक्सली क्षेत्र में सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए थे।

Read More CG Budget 2026-27: पूजा-अर्चना के बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी करेंगे बजट पेश, प्रदेश की नजरें सदन पर

कई घटनाओं में रही संलिप्तता
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली विभिन्न नक्सली गतिविधियों और हिंसक वारदातों में शामिल रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब उनसे संगठन की संरचना, मूवमेंट और स्थानीय नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं।

Read More Bhilai Crime News: साईं मंदिर में बड़ी चोरी, गार्ड से मारपीट कर 2 किलो चांदी का छत्र और नगदी ले उड़े बदमाश

पुनर्वास नीति के तहत मिलेगी सहायता
अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे आत्मसमर्पण नक्सल संगठन की कमजोर होती पकड़ और सुरक्षा बलों की बढ़ती रणनीतिक बढ़त का संकेत हैं।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

More News

नागपुर में विस्फोटक फैक्ट्री में भीषण धमाका: डेटोनेटर यूनिट में ब्लास्ट से 15 मजदूरों की मौत, कई गंभीर घायल

राज्य

नागपुर में विस्फोटक फैक्ट्री में भीषण धमाका: डेटोनेटर यूनिट में ब्लास्ट से 15 मजदूरों की मौत, कई गंभीर घायल नागपुर में विस्फोटक फैक्ट्री में भीषण धमाका: डेटोनेटर यूनिट में ब्लास्ट से 15 मजदूरों की मौत, कई गंभीर घायल
नागपुर। महाराष्ट्र के Nagpur जिले से आज सुबह एक बड़े औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई है। जिले के औद्योगिक...
LoC पर फिर ड्रोन घुसपैठ की कोशिश नाकाम: पुंछ सेक्टर में पाकिस्तानी UAV को भारतीय सेना ने खदेड़ा, इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज
फर्जी ISRO वैज्ञानिक बन महिलाओं को बनाता था शिकार: मैट्रिमोनियल साइट्स पर शादी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
पटना में सनसनीखेज वारदात: PMCH की हेड नर्स चांदनी की पति ने की हत्या, होली विवाद और ऑनलाइन गेमिंग कर्ज बना वजह?
AI समिट प्रदर्शन केस: जमानत मिलने के बाद आज रिहा होंगे यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब, क्राइम ब्रांच दफ्तर के बाहर जुटे कार्यकर्ता