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देवरीखुर्द.... हमदर्दी की आड़ में ब्लैकमेलिंग का बिछाया जाल और रेल अफसर को बना लिया उगाही का एटीएम
बिलासपुर | तोरवा क्षेत्र की बाबू लाइन कॉलोनी में रहने वाले एक रेलवे अधिकारी के साथ हुई धोखाधड़ी और डराने धमकाने के मामले ने पुलिस को भी हैरत में डाल दिया है। यह मामला महज एक साधारण अपराध नहीं बल्कि अपराधी द्वारा बेहद शातिर तरीके से सहानुभूति बटोरकर किसी के जीवन को पूरी तरह नियंत्रित करने का है। देवरीखुर्द निवासी शातिर बदमाश हेमंत करवा ने पहले मदद करने के बहाने रेलवे के मुख्य कार्मिक कार्यालय में ऑफिस सुप्रीटेंडेंट गजाधर सिंह से दोस्ती की और फिर धीरे धीरे उन्हें मौत के खौफ और झूठे मुकदमों के जाल में ऐसा उलझाया कि आज पीड़ित का परिवार और आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है।
दोस्ती से दहशत तक का सफर
घटनाक्रम की शुरुआत लगभग डेढ़ साल पहले हुई जब पीड़ित ने अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के लिए कुछ लोगों से उधार लिया था। इसी दौरान आरोपी हेमंत करवा ने पीड़ित के घर आना जाना शुरू किया और खुद को एक मददगार के तौर पर पेश किया। जैसे ही उसने पीड़ित का भरोसा जीता उसका असली चेहरा सामने आने लगा। आरोपी ने खुद को एक मर्डर केस का अपराधी बताकर पीड़ित के मन में दहशत पैदा कर दी। इसके बाद शुरू हुआ उगाही का वह सिलसिला जिसने पीड़ित की एक्टिवा तक गिरवी रखवा दी। आरोपी ने पिस्टल दिखाकर न केवल डराया बल्कि जबरदस्ती वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर ली ताकि भविष्य में ब्लैकमेल किया जा सके।
महंगी बाइक की किस्तें और कार्यालय में उत्पात
आरोपी की बेशर्मी की हद यहीं खत्म नहीं हुई। उसने अपने रसूख और खौफ का इस्तेमाल कर अधिकारी पर दबाव डाला और अपनी पत्नी के नाम पर पल्सर तथा अपने दोस्त के नाम पर बुलेट गाड़ी फाइनेंस करवा ली। हैरानी की बात यह है कि इन गाड़ियों का डाउन पेमेंट और मासिक किस्तें भी पीड़ित अधिकारी से ही भरवाई गईं। प्रताड़ना का स्तर इतना बढ़ गया कि आरोपी अब गाड़ियों की मरम्मत का खर्च भी पीड़ित से मांग रहा है। बीती 25 फरवरी को आरोपी ने मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए रेलवे कार्यालय के भीतर घुसकर अधिकारी के साथ बदसलूकी की और
पीछा छोड़ने के बदले 75 हजार रुपए की नई मांग रख दी।
इस मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से त्रस्त होकर अंततः पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का वेतन कटने और बैंक लोन की किस्तें रुकने के कारण उनका परिवार भारी तनाव में है। आरोपी ने अब पीड़ित के पूरे परिवार को गांजा के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी है। एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद तोरवा पुलिस ने इस पूरे मामले में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध कायम किया है। पुलिस की टीमें अब देवरीखुर्द और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं ताकि इस शातिर बदमाश को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके ।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
