किसानों के नाम पर 150 करोड़ डकार गए बैंक बाबू और समितियां, अब ईओडब्ल्यू करेगी महाघोटाले की जांच

रायपुर/सारंगढ़। छत्तीसगढ़ के सहकारी बैंकों में किसानों के हक पर डाका डालने का एक बड़ा खेल सामने आया है। भोली-भाली जनता और अनपढ़ किसानों के नाम पर फर्जी लोन निकालकर बैंक के अफसरों और समितियों ने मिलकर 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का गबन कर दिया है। सारंगढ़ के बरमकेला ब्लॉक में हुई 9 महीने की जांच में अकेले 10 करोड़ की चोरी पकड़ी गई है। मामला इतना गंभीर है कि अब अपेक्स बैंक इसकी फाइल ईओडब्ल्यू को सौंपने की तैयारी में है। आशंका जताई जा रही है कि पूरे प्रदेश के रिकॉर्ड खंगालने पर यह आंकड़ा 200 करोड़ के पार जा सकता है।

कागजों में बट गया कर्ज और खाते हो गए खाली

घोटालेबाजों ने उन किसानों को निशाना बनाया जो या तो बैंक कम जाते हैं या फिर पढ़-लिख नहीं सकते। समितियों ने इन किसानों की जमीन के कागजात लगाकर खुद ही लोन का आवेदन बैंक में जमा कर दिया। बैंक के अफसरों से सेटिंग कर लोन की रकम पहले किसान के केसीसी खाते में डाली गई और फिर फर्जी वाउचर भरकर कैश निकाल लिया गया। भिलाई में तो हद ही हो गई जब 250 किसान बैंक पहुंचे तो पता चला कि उनके खातों से 79 लाख रुपए पहले ही गायब हो चुके हैं। अंबिकापुर में भी इसी तरह के 50 करोड़ के फर्जीवाड़े की शिकायत मिली है।

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बरमकेला में पहली ही जांच में उड़े होश

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अपेक्स बैंक की टीम ने जब बरमकेला ब्रांच की जांच शुरू की तो पहले ही दिन दो किसानों के खाते से 50-50 हजार रुपए फर्जी तरीके से ट्रांसफर मिले। दो दिन की जांच में 56 लाख का गबन सामने आया। जब किसानों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी लोन के लिए अर्जी ही नहीं दी। नवापारा, बरमकेला और बोंदा समेत 17 समितियों के 887 खातों से अफसरों ने करीब 10 करोड़ रुपए पार कर दिए। अब बैंक प्रबंधन पिछले तीन साल के रिकॉर्ड का स्पेशल ऑडिट करा रहा है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

कर्ज माफी के भरोसे अफसरों ने खेली चाल

इस पूरे खेल के पीछे एक सोची-समझी साजिश है। अक्सर चुनावों के समय सरकारें किसानों का कर्ज माफ कर देती हैं। बैंक अफसरों और समितियों को लगा कि किसानों के नाम पर कर्ज निकाल लेते हैं, जब सरकार इसे माफ करेगी तो किसी को कानो-कान खबर भी नहीं होगी। लेकिन किसानों के बैंक पहुंचने और खातों में जीरो बैलेंस दिखने पर सारा भांडा फूट गया। अपेक्स बैंक अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सभी ब्रांचों की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं और फाइल शासन को भेज दी गई है।

आंकड़ों की जुबानी घोटाले की कहानी

  •  छत्तीसगढ़ में कुल सहकारी समितियां: 2058
  •  राज्य में जिला सहकारी बैंक: 06
  •  बरमकेला में पकड़ा गया गबन: 10 करोड़
  •  कुल संभावित घोटाले की रकम: 150 से 200 करोड़
  •  प्रभावित किसानों के खातों की संख्या: हजारों में

अपेक्स बैंक अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता ने बताया कि संदिग्ध लेन-देन का किसानों से आमने-सामने वेरिफिकेशन कराया जाएगा। गड़बड़ी करने वाले किसी भी कर्मचारी या समिति प्रबंधक को बख्शा नहीं जाएगा।

 

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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