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सुप्रीम कोर्ट से फिल्ममेकर विक्रम भट्ट को राहत: 30 करोड़ की कथित धोखाधड़ी मामले में मिली जमानत
नई दिल्ली। करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को जमानत देते हुए उदयपुर जेल से तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने संबंधित चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत जमानत आदेश पारित किया जाए।
30 करोड़ रुपये के फंड के दुरुपयोग का आरोप
विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट के खिलाफ दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर लिए गए करीब 30 करोड़ रुपये के फंड का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि प्रोजेक्ट के लिए ली गई रकम को अलग-अलग नामों से तैयार किए गए कथित फर्जी बिलों के जरिए निजी उपयोग में लगाया गया। आरोप यह भी है कि फिल्म निर्माण के नाम पर धन हस्तांतरित कराया गया, लेकिन परियोजना पर अपेक्षित कार्य नहीं हुआ।
दो महीने से जेल में थे बंद
इस मामले में राजस्थान हाई कोर्ट ने 31 जनवरी को जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद दोनों आरोपी 7 दिसंबर 2025 से न्यायिक हिरासत में थे। उन्हें मुंबई से गिरफ्तार कर उदयपुर लाया गया था। इस प्रकरण में उदयपुर निवासी दिनेश कटारिया और भट्ट के मैनेजर महबूब अंसारी को भी राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत मिलने के बाद अब दोनों आरोपियों को निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। मामले की सुनवाई निचली अदालत में जारी रहेगी। यह प्रकरण फिल्म उद्योग में वित्तीय पारदर्शिता और प्रोजेक्ट फंडिंग से जुड़े कानूनी पहलुओं को लेकर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अदालत में आरोपों की सत्यता का परीक्षण अभी शेष है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
