रायपुर में खाकी पर दाग: ड्रग्स तस्करों पर कार्रवाई करने वाला सिपाही ही निकला सप्लायर, मर्सिडीज से करता था हेरोइन की डिलीवरी

रायपुर में खाकी पर दाग: ड्रग्स तस्करों पर कार्रवाई करने वाला सिपाही ही निकला सप्लायर, मर्सिडीज से करता था हेरोइन की डिलीवरी

रायपुर। राजधानी के टिकरापारा इलाके से पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। नशे के खिलाफ कार्रवाई करने वाला एक सिपाही खुद ड्रग्स तस्करी में शामिल पाया गया। आरोपी सिपाही हिमांशु बर्मन को छत्तीसगढ़ पुलिस ने जाल बिछाकर रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से मर्सिडीज कार में रखी हेरोइन बरामद की गई। कोर्ट में पेशी के बाद उसे रिमांड पर भेज दिया गया है।

सूचना पर घेराबंदी, सप्लायर निकला अपना ही जवान
11 फरवरी को पुलिस को सूचना मिली कि टिकरापारा क्षेत्र में ड्रग्स की खेप पहुंचने वाली है। टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका। जांच में खुलासा हुआ कि कथित सप्लायर कोई बाहरी तस्कर नहीं, बल्कि विभाग का ही सिपाही हिमांशु बर्मन है। तलाशी के दौरान कार से करीब एक ग्राम हेरोइन जब्त की गई।

नशेड़ी युवक बना कड़ी
मामले का खुलासा एक नशे के आदी युवक से मिली सूचना के आधार पर हुआ। युवक ने बताया कि वह लंबे समय से आरोपी सिपाही से ड्रग्स खरीद रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों ने उसी युवक के जरिए हेरोइन का ऑर्डर दिलवाया। जैसे ही हिमांशु कथित तौर पर डिलीवरी के लिए पहुंचा, पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।

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एंटी-ड्रग्स कार्रवाई से बना नेटवर्क का हिस्सा
जांच में सामने आया कि आरोपी करीब डेढ़ साल से आमानाका थाना क्षेत्र में पदस्थ था और कई एंटी-ड्रग्स अभियानों का हिस्सा रहा। इसी दौरान उसका संपर्क तस्करों से हुआ। तेज कमाई के लालच में वह खुद नेटवर्क से जुड़ गया। प्राथमिक जांच के अनुसार, वह भिलाई के कथित तस्करों से माल खरीदता था, जिन्हें सप्लाई पंजाब से मिलती थी। पुलिस अब इस अंतरराज्यीय कड़ी की भी पड़ताल कर रही है।

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2013 में भर्ती, चार बार कर चुका था सप्लाई
मूल रूप से कवर्धा के कुंडा का रहने वाला हिमांशु वर्ष 2013 में पुलिस बल में भर्ती हुआ था। पूछताछ में उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह अब तक चार बार ड्रग्स सप्लाई कर चुका है। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की शिकायतों के चलते उसे पहले वारंट तामिली कार्य से हटाकर कार्यालयीन जिम्मेदारी दी गई थी।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
आरोपी के खिलाफ NDPS Act के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। विभागीय स्तर पर निलंबन/बर्खास्तगी सहित कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। इस घटना ने पुलिस तंत्र की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक भी जल्द पहुंच बनाई जाएगी और पूरे रैकेट का खुलासा किया जाएगा।

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