अपशिष्ट जल से फसलें बर्बाद? कोंडागांव के मक्का प्लांट में ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, लाखों का नुकसान
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के कोकोड़ी गांव स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट में शुक्रवार देर रात ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। फसल खराब होने के आरोपों से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्लांट परिसर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान परिसर में खड़े कार, ट्रैक्टर सहित कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक घटना में 10 से 20 लाख रुपए तक की क्षति होने का अनुमान है।
घटना की सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कोंडागांव के एसपी और एसडीएम समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए। एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि गांव में अब भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
अपशिष्ट जल से फसल बर्बादी का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला तरल अपशिष्ट (वेस्ट) उनके खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे मक्का और अन्य फसलें खराब हो रही हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और प्लांट प्रबंधन को लिखित शिकायतें दीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसानों के मुताबिक, लगातार अनदेखी के कारण उनका नुकसान बढ़ता गया, जिससे आक्रोश बढ़ता गया और अंततः उन्होंने सामूहिक रूप से प्लांट का घेराव कर विरोध दर्ज कराया।
रातभर घेराव, बाहरी लोगों की एंट्री रोकी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीणों ने प्लांट को चारों ओर से घेर लिया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि एक वाहन चालक को जान बचाने के लिए रातभर जंगल में छिपकर रहना पड़ा। कुछ समय के लिए पुलिस बल को भी पीछे हटना पड़ा, हालांकि बाद में अतिरिक्त बल पहुंचने पर हालात नियंत्रित किए गए।
प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों ने प्लांट के एमडी विनोद खन्ना की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि नियमित निगरानी और अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरती गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई की जाती, तो हालात इतने नहीं बिगड़ते। प्लांट प्रबंधन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जांच शुरू, शांति बनाए रखने की अपील
जिला प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। साथ ही प्रदूषण से जुड़े आरोपों की जांच के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग की अपील की है। कोकोड़ी गांव में फिलहाल हालात संवेदनशील बने हुए हैं और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
