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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर न्यायधानी में न्याय के लिए दर दर भटक रही है रेप पीड़िता गर्भवती युवती….. कहा..…न्याय नहीं मिलने पर करूंगी आत्महत्या…..फिर महिला आयोग चैयरमैन ने क्या कहा…..पढ़ें पूरी खबर..
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर न्यायधानी में न्याय के लिए दर दर भटक रही है रेप पीड़िता गर्भवती युवती… कहा…….न्याय नहीं मिलने पर करूंगी आत्महत्या…..फिर महिला आयोग चैयरमैन ने क्या कहा…..पढ़ें पूरी खबर.. बिलासपुर : रेप की शिकार गर्भवती युवती ने पुलिस और कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई है। युवती ने बताया कि उसके बयान को […]

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर न्यायधानी में न्याय के लिए दर दर भटक रही है रेप पीड़िता गर्भवती युवती… कहा…….न्याय नहीं मिलने पर करूंगी आत्महत्या…..फिर महिला आयोग चैयरमैन ने क्या कहा…..पढ़ें पूरी खबर..
बिलासपुर : रेप की शिकार गर्भवती युवती ने पुलिस और कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई है। युवती ने बताया कि उसके बयान को पुलिस ने ठीक से दर्ज नहीं किया। जिसके कारण आरोपी 17 दिन जेल से रिहा होने के बाद दूसरी लड़की से शादी करने वाला है। यदि ऐसा हुआ तो उसका जीवन बरबाद हो जाएगा। जबकि उसने उसके माता पिता से लिखित में शादी करने का वादा किया। अब वह शादी से मुकर गया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र की एक युवती ने आज एसपी और आईजी कार्यालय पहुंचकर न्याया की गुहार लगाई है। युवती ने डीजीपी से भी लिखित फरियाद किया है। पीड़ित युवती ने महिला आयोग चैयरमैन किरणमयी नायक से भी फरियाद किया है। युवती ने बताया कि उसकी उम्र 20 साल है। आरोपी आशुतोष से उसका विवाह निश्चित हुआ। साल 2017 से शादी का वादा कर शारीरिक संबध बनाया। यह सिलसिला लगातार चलता रहा। और बाद में उसने शादी से इंकार कर दिया। शादी से इंकार किए जाने के बाद आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाना पहुंचकर अपराध दर्ज करायी। युवती ने बताया कि अपराध दर्ज किए जाने के बाद थाना की महिला विवेचक ने फोन पर आरोपी के परिवार से बातचीत की। इसके बाद उन्होने उसे डराया और धमकाया। रिपोर्ट दर्ज करने से पहले महिला विवेचक ने दबाव बनाकर कई तथ्यों को हटाने का दबाव भी बनाया। उन्होने यह भी कहा कि यदि उसने ऐसे शब्दों या तथ्यों को नहीं हटाया तो उसका जीवन बरबाद हो जाएगा। उन्होने रिपोर्ट से नाबालिग शब्द को हटाने को कहा। और मजबूर होकर महिला अधिकारी के निर्देश पर कई तथ्यों को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा । महिला अधिकारी ने ऐसा आरोपी को बचाने के लिए किया है। युवती ने बताया कि जिस समय उसने रिपोर्ट दर्ज कराया..उस समय उसे जानकारी नहीं थी कि वह गर्भवती भी है। बाद में तबीयत खराब होने के बाद जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि वह गर्भवती है। उसके सामने अब बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी हो गयी है। लाख प्रयास के बाद भी उसकी फरियाद कोई नहीं सुन रहा है। पुलिस कप्तान और आईजी कार्यालय में भी गुहार लगाई है। आरोपी ने भी शादी से इंकार कर दिया है। वह चाहती है कि उसकी शादी आरोपी से हो। लेकिन अब वह किसी दूसरी लड़की से शादी करने जा रहा है। युवती के अनुसार आरोपी उस पर केस वापस लेने का लगातार दबाव बना रहा है। हमारी मांग है कि आरोपी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए गर्भ में पल रहे बच्चे की जिम्मेदारी संभाले। यदि उसने शादी नहीं किया तो वह आत्मह्तया के लिए मजबूर होगी। युवती के अनुसार उसने महिला आयोग चेयरमैन किरणमयी नायक से भी सम्पर्क कर अपनी पीड़ा को जाहिर किया है। साथ ही दोषी महिला पुलिस विवेचक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
