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बिलासपुर में भूमाफिया के आगे नतमस्तक हुआ नगर निगम जहां चला बुलडोजर वहां फिर तन गई अवैध कॉलोनियां
बिलासपुर शहर में अवैध प्लॉटिंग को रोकने के लिए नगर निगम का अभियान पूरी तरह से दिखावा साबित हो रहा है। पिछले तीन सालों में शहर की 153 अवैध कॉलोनियों में जिन सड़कों और नालियों पर निगम ने बुलडोजर चलाया था वहां अब दोबारा पक्के मकान और कॉम्प्लेक्स खड़े हो गए हैं। प्रशासन की आंखों के सामने भूमाफिया न सिर्फ सीसी रोड बना रहे हैं बल्कि बिना किसी डर के कंस्ट्रक्शन का काम भी धड़ल्ले से जारी है जिससे निगम कार्रवाई का मखौल उड़ रहा है।
नगर निगम की कार्रवाई का असर जमीन पर रत्ती भर भी नजर नहीं आ रहा है। लोयोला स्कूल रोड के पास गायत्री ग्रीन कॉलोनी में पिछले साल अक्टूबर महीने में जो कच्ची सड़क और नाली तोड़ी गई थी वहां आज फिर से चकाचक सीसी रोड और नालियां बनकर तैयार हैं। बिजौर और मोपका जैसे इलाकों का हाल तो और भी बुरा है। यहां दो साल पहले जो सड़कें उखाड़ी गई थीं वहां अब लोगों ने बोरिंग करा ली है और बिना नक्शा पास कराए धड़ाधड़ घर बना रहे हैं। मंगला तिफरा लिंगियाडीह खमतराई और चांटीडीह जैसे इलाकों में भी भूमाफिया ने निगम के नोटिस को रद्दी के भाव में डाल दिया है और वहां फिर से अवैध निर्माणों की बाढ़ आ गई है।
शहर के 70 वार्डों में इस समय अवैध प्लॉटिंग के करीब 436 मामले दबे पड़े हैं। हैरानी की बात यह है कि निगम ने एक हजार से ज्यादा खसरा नंबरों की रजिस्ट्री पर रोक लगा रखी है फिर भी यहां कॉलोनियां बसती जा रही हैं। अब तक 31 लोगों पर एफआईआर तो हुई है लेकिन इसमें असली खिलाड़ी यानी बड़े भूमाफिया बच निकले और भोले भाले किसान फंस गए हैं। शहर में वैध कॉलोनियों की संख्या सिर्फ 350 है जबकि अवैध रूप से बसी बस्तियों का आंकड़ा 400 को पार कर चुका है। जो इलाके कल तक खाली थे वहां अब बिना किसी ले आउट या अनुमति के पूरी की पूरी बस्तियां खड़ी हो गई हैं।
निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग की जांच के लिए कलेक्टर के निर्देश पर नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की एक साझा कमेटी बना दी गई है। अब किसी भी अवैध प्लॉटिंग के मामले में परिवाद दायर किया जाएगा और कोर्ट के निर्देश मिलने पर ही एफआईआर की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
दूसरी तरफ प्रशासन ने राहत देते हुए बजरंग नगर दीनदयाल नगर यातायात नगर और गुरु गोविंद सिंह नगर समेत कुल 27 कॉलोनियों को विकास शुल्क लेकर वैध कर दिया है। लेकिन इस राहत के बीच सच यह भी है कि जहां सख्त कार्रवाई की जरूरत थी वहां अधिकारियों की सुस्ती और कागजी दांव पेंच ने माफिया के हौसले सातवें आसमान पर पहुंचा दिए हैं। जनता के टैक्स के पैसों से चलने वाला बुलडोजर आज भूमाफिया की नई सड़कों के आगे बेअसर नजर आ रहा है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
