छत्तीसगढ़ विधानसभा में धान केंद्रों में चूहों के नुकसान को लेकर हंगामा, विपक्षी विधायक सस्पेंड
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज विपक्ष और सरकार के बीच धान खरीदी केंद्रों में चूहों द्वारा धान खाने के मुद्दे पर गंभीर तनाव देखने को मिला। विपक्ष ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया, लेकिन सभापति आसंदी ने इसे अस्वीकार कर दिया।
इसके बाद विपक्षी सदस्य जोरदार नारेबाजी करने लगे और कई सदस्य गर्भगृह (वेल) में चले गए, जिन्हें तुरंत स्वमेव निलंबित कर दिया गया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि चूहों के कारण सरकार के कुप्रबंधन से लगभग 4600 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार धान की सुरक्षा में पूरी तरह नाकाम रही।
स्थगन प्रस्ताव खारिज होने के बाद विपक्षी सदस्य पुनः वेल में पहुंचे, जिससे उन्हें दोबारा निलंबित किया गया। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और ‘मुसवा’ के नाम पर सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इसी बीच, सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के मुद्दे को लेकर भी सदन में जमकर हंगामा हुआ। डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने सहकारी केंद्रीय बैंक भवन निर्माण में देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वर्क ऑर्डर, टेंडर और भूमि पूजन के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, इसलिए निर्माण शुरू नहीं हो पाया।
मंत्री केदार कश्यप ने जवाब दिया कि 2023 में स्वीकृति मिली थी, लेकिन वहां पार्किंग और अन्य सुविधाओं की कमी के कारण दूसरी जगह जमीन देखी जा रही है। हर्षिता बघेल ने कहा कि जब पहले ही सभी सुविधाएं देखकर टेंडर और भूमि पूजन हुआ था, तो अब देरी क्यों हो रही है और बैंक कब तक किराए के भवन में रहेगा। नेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल ने सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कार्रवाई की तारीख पूछी। मंत्री ने कहा कि कलेक्टर को पत्र लिखा गया है और जल्द कार्रवाई होगी। लेकिन विपक्षी सदस्य असंतुष्ट रहे और नारेबाजी करते हुए वॉकआउट कर गए।
