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बजट के बखान में पूर्व मंत्री को आई झपकी, कर्ज के सवाल पर प्रवक्ता ने साधी चुप्पी
बिलासपुर। केंद्रीय बजट को आए नौ दिन बीत चुके हैं लेकिन भाजपा अब भी इसकी अच्छाइयां गिनाने में लगी है। मंगलवार को भाजपा कार्यालय में अजीब नजारा दिखा। एक तरफ राष्ट्रीय प्रवक्ता केके शर्मा बजट के कसीदे पढ़ रहे थे तो दूसरी तरफ बजट प्रचार अभियान के संयोजक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल मंच पर ही गहरी नींद में थे। बगल में बैठे कोषाध्यक्ष उन्हें बार बार कोहनी मारकर जगाते रहे। यह देखकर चर्चा होने लगी कि जब अपने ही नेता बजट भाषण में सो रहे हैं तो जनता का क्या हाल होगा।
कांग्रेस के कुल बजट के बराबर तो हमारा रक्षा बजट
राष्ट्रीय प्रवक्ता केके शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि 2014 से पहले यूपीए सरकार का बजट महज 12 लाख करोड़ था। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे बढ़ाकर 50 लाख करोड़ कर दिया है। आज भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कुल बजट के बराबर यानी 12 लाख करोड़ तो मोदी सरकार ने केवल रक्षा बजट रखा है। शर्मा ने बताया कि युवाओं के लिए 5 नए विश्वविद्यालय और 20 लाख पेशेवर तैयार करने की योजना है जिससे रोजगार और व्यापार बढ़ेगा।
कर्ज की बात आते ही खत्म कर दी प्रेस वार्ता
प्रेस वार्ता का अंत और भी दिलचस्प रहा। प्रवक्ता शर्मा ने खुद ही मीडिया से सवाल पूछने को कहा। लेकिन जब पत्रकारों ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में विश्व बैंक से लिए गए भारी भरकम कर्ज पर सवाल दागा तो वे असहज हो गए। वे आंकड़े बताने के बजाय मुझे पता नहीं है कहकर प्रेस वार्ता खत्म कर चलते बने। कर्ज के सवाल पर उनकी चुप्पी और पूर्व मंत्री की झपकी ने बजट के बड़े बड़े दावों की हवा निकाल दी।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
