डोंगरगढ़ डाकघर में करोड़ों की अनियमितता का आरोप: ग्रामीणों का घेराव, पोस्ट मास्टर पर फर्जी निकासी के गंभीर सवाल
डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ ब्लॉक के ग्राम जटकन्हार स्थित डाकघर में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पोस्ट मास्टर आशीष मंडावी ने खाताधारकों की जानकारी के बिना उनके खातों से बड़ी रकम निकाली और कुछ मामलों में डुप्लीकेट पासबुक जारी कर दीं। आरोप सामने आने के बाद संबंधित अधिकारी के फरार होने की चर्चा है।
डुप्लीकेट पासबुक से उजागर हुआ मामला
स्थानीय लोगों के अनुसार, जब कई खाताधारक अपनी जमा पूंजी निकालने पहुंचे तो उनके खातों में शेष राशि अपेक्षा से काफी कम या शून्य पाई गई। गहन जांच में पासबुक की प्रविष्टियों और रिकॉर्ड में अंतर सामने आया है। इससे खातों से कथित अवैध निकासी की आशंका मजबूत हुई और मामला तेजी से फैल गया है।
आठ गांवों के ग्रामीणों का प्रदर्शन
विभागीय और पुलिस स्तर पर त्वरित कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगाते हुए करीब आठ गांवों के ग्रामीणों ने डोंगरगढ़ पोस्ट ऑफिस का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर चक्काजाम भी किया गया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित हुआ। स्थिति तब और संवेदनशील हो गई जब स्थानीय विधायक Harshita Swami Baghel समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों के साथ धरने पर बैठ गईं।
विभाग का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए India Post के जिला स्तरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्राथमिक जांच के बाद विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई और प्रभावित खाताधारकों की राशि लौटाने का भरोसा दिलाया। आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया।
जवाबदेही पर उठे सवाल
करोड़ों रुपये की कथित अनियमितताओं ने डाक विभाग की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। सैकड़ों खाताधारकों की जमा पूंजी दांव पर लगी है। अब सबकी नजर जांच की पारदर्शिता, आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़ितों को राहत मिलने की समयसीमा पर टिकी है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है, जबकि ग्रामीण ठोस और त्वरित कार्रवाई की मांग पर अडिग हैं।
