- Hindi News
- अपराध
- दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम की खेती का खुलासा, 5 एकड़ में लहलहा रही थी नशीली फसल
दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम की खेती का खुलासा, 5 एकड़ में लहलहा रही थी नशीली फसल
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बड़ी कार्रवाई के बाद अब बलरामपुर जिले में अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी गांव स्थित सरनाटोली में करीब 5 एकड़ जमीन पर अफीम की फसल उगाई जा रही थी। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। यहां जंगल किनारे बड़े पैमाने पर अफीम के पौधे तैयार हो चुके थे और डोडो में चीरा लगाकर अफीम निकाली जा रही थी। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में सूखे डोडे बरामद किए हैं जिनमें खसखस भरा हुआ है।
किराए की जमीन पर बाहरी लोगों का खेल
शुरुआती जांच में पता चला है कि यह जमीन गांव के ही रूपदेव भगत और कौशल भगत की है। बाहरी लोगों ने ग्रामीणों से जमीन किराए पर ली और अक्टूबर महीने से यहां खेती शुरू कर दी थी। सिंचाई के लिए पास के चूहीदाह नाले पर बने स्टॉप डैम से पंप लगाकर पानी की व्यवस्था की गई थी।
दुर्ग की कार्रवाई देख ग्रामीणों के कान खड़े हुए
हैरानी की बात यह है कि स्थानीय ग्रामीणों को फसल के बारे में पता था, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि यह अवैध है। हाल ही में दुर्ग में विनायक ताम्रकार के खिलाफ अफीम की खेती पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की खबर जब यहां पहुंची, तब गांव वालों को समझ आया कि यह गैर-कानूनी काम है। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
कुसमी SDOP आशीष कुंजाम ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और कार्रवाई शुरू की गई। यह इलाका झारखंड की सीमा से लगा हुआ है, इसलिए पुलिस अब उन बाहरी लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने यहां आकर खेती की थी।
वहीं गांव के सरपंच फेकुंदर नाग ने पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। सरपंच फेकुंदर नाग ने बताया कि जनवरी महीने में ही ग्रामीणों ने उन्हें खेती की तस्वीरें भेजी थीं। उन्होंने व्हाट्सऐप के जरिए पुलिस को फोटो भेजकर और फोन कर इसकी जानकारी दी थी। उस वक्त पुलिस ने मामला दिखवाने की बात कही थी, लेकिन कार्रवाई अब जाकर हुई है।
प्रशासन की सुस्ती पर उठ रहे सवाल
अक्टूबर से चल रही इस अवैध खेती पर प्रशासन की नजर तब पड़ी जब फसल पूरी तरह तैयार हो गई। अब पुलिस उन रसूखदारों और बाहरी आरोपियों की कुंडली खंगाल रही है जिन्होंने चुपचाप जंगल किनारे इतना बड़ा नशीला कारोबार फैला दिया।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
