वायरल Reel के चक्कर में फंसी उर्मिला! मालगाड़ी के इंजन में बनाकर वीडियो किया पोस्ट, RPF ने दर्ज किया केस
जपला (पलामू)। सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स बढ़ाने की चाहत एक युवती के लिए कानूनी मुसीबत बन गई। झारखंड के पलामू जिले से जुड़े एक मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मालगाड़ी के इंजन के अंदर घुसकर वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने वाली युवती के खिलाफ मामला दर्ज किया है। रेलवे ने इस घटना को सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन बताया है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल अंतर्गत काजरात नावाडीह रेलवे स्टेशन का है। एक जून को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक युवती मालगाड़ी के इंजन के अंदर वीडियो बनाती दिखाई दे रही थी। वीडियो सामने आने के बाद नबीनगर रोड आरपीएफ ने मामले की जांच शुरू की और युवती की पहचान मेदिनीनगर निवासी उर्मिला कुमारी के रूप में की गई।
जांच में पता चला कि उर्मिला अपने रिश्तेदारों के यहां काजरात नावाडीह आई हुई थी। इसी दौरान वह रेलवे स्टेशन परिसर में पहुंची और मालगाड़ी के इंजन के अंदर जाकर वीडियो रिकॉर्ड किया। बाद में उसने इस वीडियो को इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर दिया, जहां से यह तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद आरपीएफ ने तकनीकी जांच और खुफिया सूचना के आधार पर युवती को समन जारी किया। पूछताछ के लिए आरपीएफ पोस्ट पहुंची उर्मिला ने स्वीकार किया कि वीडियो में वही है और उसने ही इसे रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। इसके बाद आरपीएफ ने रेल अधिनियम की धारा 147 और 145 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि रेलवे इंजन, ट्रैक, यार्ड और अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना अनुमति प्रवेश करना कानूनन अपराध है। इस तरह की गतिविधियां न केवल संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बल्कि रेलवे संचालन और यात्रियों की सुरक्षा पर भी असर डाल सकती हैं। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है।
रेलवे ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए सुरक्षा नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाल के वर्षों में रेलवे परिसरों में रील और वीडियो बनाने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जिसके चलते कई हादसे भी सामने आए हैं। ऐसे में यह कार्रवाई बढ़ते 'रील कल्चर' पर नियंत्रण और रेलवे सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
