ईरान-इजरायल तनाव पर भारत की बड़ी अपील, बातचीत से समाधान और तत्काल शांति बहाली पर दिया जोर
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत ने एक बार फिर शांति और स्थिरता की वकालत की है। विदेश मंत्रालय ने आज जारी बयान में सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से विवादों का समाधान निकालने की अपील की है। भारत ने कहा कि लंबे समय से जारी संघर्ष न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन गया है, बल्कि इसका असर वैश्विक स्तर पर भी महसूस किया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 100 दिनों से अधिक समय से जारी इस संघर्ष ने भारी मानवीय संकट पैदा किया है। बड़ी संख्या में लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ी है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हुई है। भारत ने पश्चिम एशिया में हाल के हमलों पर गहरा अफसोस जताते हुए कहा कि मौजूदा घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
भारत ने अपने बयान में सभी संबंधित पक्षों से तत्काल तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जारी कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। नई दिल्ली का मानना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति केवल संवाद और राजनीतिक समाधान के जरिए ही संभव है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि संघर्ष का विस्तार किसी के हित में नहीं होगा और इससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ सकती है।
दरअसल, पिछले 24 घंटों में ईरान और इजरायल के बीच सैन्य गतिविधियों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है। विभिन्न शहरों और रणनीतिक ठिकानों पर हमलों की खबरों के बीच युद्धविराम की संभावनाएं कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया तो पूरे पश्चिम एशिया में बड़े पैमाने पर संघर्ष का खतरा और गहरा सकता है।
