हाईकोर्ट से झटका खाने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अनवर ढेबर 3 जून तक राज्य सरकार को देना होगा जवाब

हाईकोर्ट से झटका खाने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अनवर ढेबर 3 जून तक राज्य सरकार को देना होगा जवाब

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड से जुड़े बहुचर्चित शराब और ओवरटाइम घोटाले में आरोपियों की कानूनी स्थिति अब अलग अलग दिशा ले रही है। एक ओर जहां इस वृहद भ्रष्टाचार मामले में आरोपी बनाए गए रिटायर्ड आईएएस निरंजन दास को जमानत मिल गई है और उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है वहीं दूसरी ओर कारोबारी अनवर ढेबर की कानूनी लड़ाई अब देश की सबसे बड़ी अदालत पहुंच गई है। अनवर ढेबर पिछले तीन साल से अधिक समय से जेल की सलाखों के पीछे हैं और अब तक उन्हें राहत नहीं मिल सकी है।

अनवर ढेबर की जमानत याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने महत्वपूर्ण सुनवाई की। पीठ ने ढेबर की अर्जी को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और आगामी 3 जून तक इस पूरे मामले में अपना विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इससे पहले 13 मई को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनवर की जमानत याचिका को यह कहते हुए सिरे से खारिज कर दिया था कि इस मामले में भ्रष्टाचार का एक सुनियोजित और बहुत गहरा नेटवर्क काम कर रहा था। अदालत का स्पष्ट मानना था कि सार्वजनिक धन की हेराफेरी से जुड़े आर्थिक अपराधों को अत्यधिक गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान आबकारी विभाग में हुए इस महाघोटाले की सघन जांच प्रवर्तन निदेशालय और ईओडब्ल्यू द्वारा अलग अलग दर्ज मामलों के तहत की जा रही है। जांच एजेंसियों के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार यह मामला केवल 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसमें 182 करोड़ रुपए से अधिक का ओवरटाइम और अन्य भत्तों का भारी घोटाला भी शामिल है जो सीधे तौर पर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाता है। इसमें लगभग 101 करोड़ रुपए का ओवरटाइम 54 करोड़ रुपए का हॉलीडे पे 12 करोड़ रुपए का बोनस और 15 करोड़ रुपए का सर्विस चार्ज घोटाला प्रमुख रूप से उजागर हुआ है। यह पूरा मामला प्रदेश के इतिहास के सबसे बड़े संगठित आर्थिक अपराधों में गिना जा रहा है।

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इस पूरे संगठित सिंडिकेट में रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा निरंजन दास आईटीएस अरुणपति त्रिपाठी और राज्य प्रशासनिक सेवा की चर्चित अधिकारी सौम्या चौरसिया सहित 70 से अधिक रसूखदार लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन रसूखदार आरोपियों में आबकारी विभाग के 28 अधिकारी भी शामिल हैं जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर इस पूरे तंत्र को संचालित किया। अब तक इस मामले के अधिकांश आरोपियों को न्यायालय से जमानत का लाभ मिल चुका है। इसी कड़ी में रिटायर्ड आईएएस निरंजन दास भी मंगलवार को जेल से रिहा हो जाएंगे लेकिन कारोबारी अनवर ढेबर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं और उन्हें अब भी सुप्रीम कोर्ट के आगामी फैसले का बेसब्री से इंतजार है।

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