Scout-Guide अध्यक्ष पद विवाद: सांसद बृजमोहन की याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को किया तलब
बिलासपुर। भारत स्काउट-गाइड के राज्य परिषद अध्यक्ष पद से हटाने के विवाद में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। आज बिलासपुर हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई, जहां अदालत ने राज्य शासन को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया। कोर्ट ने सरकार से पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है। अगली सुनवाई की तारीख 12 फरवरी 2026 तय की गई है। फिलहाल अदालत ने कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया।
सांसद का पक्ष: हटाना असंवैधानिक और एकतरफा
याचिका में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दावा किया कि उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव असंवैधानिक और एकतरफा है। न तो उन्हें इससे संबंधित कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही पक्ष रखने का अवसर मिला। सांसद ने बताया कि वे विधानिक अध्यक्ष होने के नाते परिषद के कार्यक्रमों में शामिल रहे हैं और 5 जनवरी को जंबूरी से जुड़ी बैठक आयोजित की थी।
जंबूरी आयोजन और वित्तीय अनियमितता
सांसद ने याचिका में यह भी कहा कि जंबूरी आयोजन में लगभग 10 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने पर उन्होंने आयोजन को रद्द करने का निर्णय लिया। उनका दावा है कि लंबे समय से वे अध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं, बावजूद इसके बिना उनकी जानकारी के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जो संगठन के नियमों के खिलाफ है।
हाईकोर्ट की प्रतिक्रिया
कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि अध्यक्ष पद हटाने की प्रक्रिया कानूनी और नियमों के अनुरूप थी या नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले का निर्णय स्काउट-गाइड जैसी संस्थाओं में प्रशासनिक पारदर्शिता और सदस्य अधिकारों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
