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दुर्ग की बेटियों का कमाल: सीवर में उतरेगा रोबोट, सुरक्षित रहेंगी सफाईकर्मियों की जान,राष्ट्रपति मुर्मू के साथ डिनर का न्योता, देश के टॉप-10 इनोवेशन में शामिल हुआ प्रोजेक्ट
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की दो छात्राओं ने विज्ञान और नवाचार के दम पर ऐसा कमाल कर दिखाया है, जो न सिर्फ समाज की एक गंभीर समस्या का समाधान पेश करता है, बल्कि देशभर के लिए प्रेरणा भी बन गया है। वैशाली नगर स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राएं कविता साहू और अंजलि चौहान ने एक ऐसा सीवर और मैनहोल क्लीनिंग रोबोट विकसित किया है, जो खतरनाक सीवरेज लाइनों में उतरकर सफाई और जांच कर सकता है।
अब जान जोखिम में नहीं डालेंगे सफाईकर्मी
इस इनोवेटिव रोबोट के जरिए अब सफाईकर्मियों को जहरीली गैसों और संकरे मैनहोल में उतरने की मजबूरी से राहत मिल सकती है। यह रोबोट पाइप के आकार के अनुसार अपनी संरचना बदल सकता है, गैस से भरे इलाकों में काम कर सकता है और अंडरग्राउंड पाइपलाइन की स्थिति की जांच और सफाई दोनों कर सकता है।
साधारण परिवार, असाधारण सोच
कविता साहू कक्षा 10वीं और अंजलि चौहान कक्षा 12वीं की छात्रा हैं। दोनों के पिता ऑटो चालक हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद इन छात्राओं ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती। कविता बताती हैं कि उनकी एक सहेली के पिता सीवरेज लाइन में काम करते थे और अक्सर बीमार रहते थे। उसी पीड़ा ने उन्हें सोचने पर मजबूर किया कि क्या इस खतरनाक काम का कोई सुरक्षित तकनीकी विकल्प संभव है। यही विचार आगे चलकर इस रोबोट के रूप में साकार हुआ।
अटल टिंकरिंग लैब में तैयार हुआ मॉडल
इस रोबोट का मॉडल विद्यालय की अटल टिंकरिंग लैब में तैयार किया गया, जहां रसायन व्याख्याता रीतू हांडा ने छात्राओं को तकनीकी मार्गदर्शन दिया। छात्राओं ने सीमित संसाधनों में अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का बेहतरीन उदाहरण पेश किया।
देश के टॉप-10 इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स में जगह
नीति आयोग के मार्गदर्शन में आयोजित स्कूल इनोवेशन मैराथन में देशभर से आए करीब डेढ़ लाख आइडियाज में से यह प्रोजेक्ट टॉप-10 इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स में चुना गया। इस उपलब्धि के बाद कविता साहू को 26 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रपति भवन में डिनर का आमंत्रण मिला है, अंजलि चौहान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिलने का अवसर प्राप्त हुआ है, दोनों छात्राएं 23 जनवरी को अपने मेंटर के साथ दिल्ली रवाना होंगी।
विद्यालय और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण
विद्यालय की प्राचार्य संगीता सिंह बघेल ने इसे छात्राओं की नवाचार क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। वहीं प्रबंधन समिति अध्यक्ष आलोक जैन ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत है। प्राचार्य ने कहा, “कविता और अंजलि ने साबित कर दिया कि अगर सोच बड़ी हो, तो सफलता खुद रास्ता बना लेती है।”
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
