शिक्षा विभाग में खेला: दो बहनों में बांट दी दो अनुकंपा नियुक्तियां, अधिकारियों पर महीना वसूली का आरोप 

शिक्षा विभाग में खेला: दो बहनों में बांट दी दो अनुकंपा नियुक्तियां, अधिकारियों पर महीना वसूली का आरोप 

बिलासपुर। जिले में शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा देखने को मिला है विभाग द्वारा नियमों को ताक पर रखकर एक ही परिवार की दो बहनों को नौकरी दे दी गई। कांग्रेस और पूर्व जिला पंचायत सदस्य अंकित गौराहा ने इस पूरे मामले को संगठित भ्रष्टाचार बताते हुए कमिश्नर से लिखित शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय टांडे और बाबू सुनील यादव की मिलीभगत से विभाग में अवैध नियुक्तियों और तबादलों का काला खेल चल रहा है। गौराहा ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की जांच निष्पक्ष नहीं हुई तो वे सीधे सचिव स्तर पर शिकायत करेंगे और सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।

नियमों की धज्जियां: एक मौत पर दो नौकरियां

अंकित गौराहा ने बताया कि विभाग में पदस्थ एक मृत कर्मचारी के परिवार में नियमों के विरुद्ध जाकर दो लोगों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई। सरकारी नियम के मुताबिक परिवार के केवल एक सदस्य को ही यह पात्रता होती है। शिकायत में दावा किया गया है कि पहले मृत कर्मचारी की पहली पत्नी के बेटे यश साहू को नियुक्ति दी गई और फिर मोटी रकम के लेनदेन के बाद दूसरी पत्नी के बेटे को भी नौकरी पर रख लिया गया। इस पूरे खेल में बाबू सुनील यादव का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है जो स्थापना शाखा में सालों से जमे हुए हैं।

Read More तहसील के चक्कर खत्म! अब घर बैठे होगा जमीन का सीमांकन, 7 दिन में शुरू होगी ऑनलाइन व्यवस्था

महीने की बंधी है वसूली: टीचर से 10 हजार तो चपरासी से 2 हजार

Read More सिस्टम के छेद - कमीशन के बंगलों से लेकर सट्टेबाजों की सरपरस्ती तक

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोप विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हैं। गौराहा ने दावा किया कि दफ्तर में पदस्थ कर्मचारियों से हर महीने अवैध वसूली की जाती है।

 शिक्षकों से 10 हजार रुपए लिए जाते हैं।

 बाबूओं से 5 हजार रुपए की मांग होती है।

 चपरासियों से भी 2 हजार रुपए हर महीने वसूले जाते हैं।

यह पैसा मनचाही पोस्टिंग, संलग्नीकरण और प्रमोशन के नाम पर लिया जा रहा है। आलम यह है कि शहर के स्कूलों में शिक्षकों की कमी है लेकिन रसूख और पैसे के दम पर कई कर्मचारी दफ्तरों में वीआईपी ड्यूटी कर रहे हैं।

जांच का नाटक: आरोपी अफसर ही कर रहे हैं फैसला

शिकायतकर्ता का कहना है कि जब जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे खुद इस पूरे मामले में संदेह के घेरे में हैं, तो उनके ही अधीन काम करने वाले दो खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) से जांच कराना केवल खानापूर्ति है। लोक शिक्षण संचालनालय की पिछली जांच में भी सुनील यादव को दोषी पाया गया था, लेकिन राजनीतिक रसूख और अफसरों के संरक्षण के चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। गौराहा ने मांग की है कि जांच ज्वाइंट डायरेक्टर या कमिश्नर स्तर के अधिकारियों से कराई जाए ताकि सच सामने आ सके।

अंकित गौराहा ने कहा कि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की अंदर तक हैं। यदि प्रशासन ने जल्द इन भ्रष्ट चेहरों पर नकेल नहीं कसेगा तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा 

Tags:

Latest News

भूमि पूजन करने पहुंचे डिप्टी सीएम को मुख्य द्वार पर रोका, रहवासियों ने किया विरोध प्रदर्शन, प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर जताई आपत्ति भूमि पूजन करने पहुंचे डिप्टी सीएम को मुख्य द्वार पर रोका, रहवासियों ने किया विरोध प्रदर्शन, प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर जताई आपत्ति
मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, सिम्स में 91 पीजी सीटों पर दाखिले का रास्ता साफ, एनएमसी ने 19 पाठ्यक्रमों को दी सशर्त मंजूरी
सीसीटीवी फुटेज से हुआ चोरी का खुलासा, सामान सहित आरोपी गिरफ्तार
शराब के लिए पैसे मांगे, नहीं दिए तो किया चाकू से हमला, धारदार हथियार के साथ आरोपी गिरफ्तार
ग्राउंड रिपोर्ट: 1978 में जेपी ने दिया था साथ, अब छिन गया बुढ़ापे का सहारा; अनुदान प्राप्त कॉलेजों के रिटायर शिक्षकों की पेंशन बंद
जांच, निलंबन और फिर 'प्रमोशन': 55 लाख के मानदेय घोटाले में फंसे एमएल पटेल बने मुंगेली के नए DEO
मंडी बोर्ड में बगावत: 16 साल में 4 मंत्री और 12 एमडी बदले, लेकिन 'साहब' की कुर्सी टस से मस नहीं हुई
रायपुर: पूर्व IPS ने बिजली विभाग की महिला JE और सहकर्मी को ऑफिस में बनाया बंधक; घरेलू कनेक्शन पर चल रही थी कंपनी, पुलिस ने कराया मुक्त
पीडब्ल्यूडी में 1.60 करोड़ की बंदरबांट: ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा, अफसरों ने नियमों को ताक पर रखकर ठेकेदार को पहुंचाया फायदा
कम स्टाम्प वाली 173 रजिस्ट्री पकड़ी गईं, 3.26 करोड़ की वसूली में फंसा पेंच
इंश्योरेंस प्लान बताकर भेजा एसबीआई जैसा लिंक, लिंक खोलते ही कट गए 49,050 रुपए, पुलिस ने दर्ज किया मामला
लालखदान रेल हादसा: सीआरएस की प्रारंभिक रिपोर्ट में चालक और महिला परिचालक दोषी, एक पर रिमूवल ऑफ सर्विस की कार्रवाई तो दूसरे के परिजन को नौकरी