क्या दोपहर में सोना सेहत के लिए अच्छा है या नुकसानदायक? एक्सपर्ट से जानें

क्या दोपहर में सोना सेहत के लिए अच्छा है या नुकसानदायक? एक्सपर्ट से जानें

कई लोगों को दोपहर में सोने की आदत होती है. कुछ लोग इसे थकान दूर करने का आसान तरीका मानते हैं, तो कुछ को लगता है कि इससे आलस बढ़ता है. दरअसल, दोपहर की नींद का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता. यह इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति रात में कितनी और कैसी नींद ले रहा है, दिनभर कितनी शारीरिक और मानसिक मेहनत करता है और दोपहर में कितनी देर तक सोता है. कई बार थोड़ी देर का आराम शरीर को राहत दे सकता है, जबकि बहुत लंबी नींद दिनचर्या पर असर डाल सकती है.

दोपहर में सोने की आदत का संबंध शरीर की एनर्जी, काम करने की क्षमता, मूड और रात की नींद से भी जुड़ा होता है. इसलिए इसे केवल अच्छी या बुरी आदत मानने के बजाय सही समय, सही अवधि और व्यक्ति की जरूरत के हिसाब से समझना जरूरी है. आइए जानते हैं कि दोपहर में सोना सेहत के लिए अच्छा है या नुकसानदायक.

क्या दोपहर में सोना सेहत के लिए अच्छा है या नुकसानदायक?
डॉ. बताते हैं कि दोपहर में सोना कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, खासकर तब जब रात की नींद पूरी न हुई हो या शरीर बहुत थका हुआ महसूस कर रहा हो. 20 से 30 मिनट की छोटी नींद दिमाग को आराम दे सकती है और व्यक्ति को ताजगी महसूस हो सकती है. इससे ध्यान लगाने और काम करने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है. अगर ज्यादा थकान हो, तो 45 मिनट तक आराम किया जा सकता है. लेकिन अगर दोपहर की नींद बहुत लंबी हो जाए, खासकर 1 घंटे से ज्यादा, तो यह नुकसानदायक भी बन सकती है.

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ज्यादा देर सोने से उठने के बाद भारीपन, सुस्ती और सिरदर्द जैसी परेशानी हो सकती है. इसका असर रात की नींद पर भी पड़ सकता है, जिससे सोने का समय बिगड़ सकता है. इसलिए दोपहर में सोना अच्छा है या नुकसानदायक, यह इस बात पर निर्भर करता है कि नींद कितनी देर की है, किस समय ली जा रही है और शरीर की जरूरत क्या है.

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दोपहर में ज्यादा सोने से क्या नुकसान हो सकते हैं?
दोपहर में ज्यादा देर सोने से शरीर का सोने-जागने का सामान्य समय बिगड़ सकता है. इसका सबसे बड़ा असर रात की नींद पर पड़ता है, क्योंकि लंबे समय तक सो लेने के बाद रात में नींद आने में दिक्कत हो सकती है. इससे धीरे-धीरे पूरी दिनचर्या प्रभावित होने लगती है. ज्यादा देर सोने के बाद उठते समय शरीर भारी लग सकता है और दिमाग पूरी तरह एक्टिव होने में समय ले सकता है. कई लोगों को आलस, सुस्ती और काम में मन न लगने की समस्या भी होने लगती है. अगर यह आदत रोज की बन जाए, तो शारीरिक एक्टिवनेस कम हो सकती है. ऐसे में दोपहर में थोड़ा आराम करें, लेकिन ज्यादा देर तक न सोएं, ताकि शरीर का संतुलन बना रहे.

अच्छी क्वालिटी वाली नींद कैसे लें?
अच्छी क्वालिटी की नींद के लिए रोज सोने और उठने का समय लगभग एक जैसा रखें. रात में सोने से पहले मोबाइल, टीवी और ज्यादा तेज रोशनी से दूरी बनाएं. हल्का भोजन करें और बहुत देर रात तक जागने से बचें. सोने का कमरा शांत, साफ और आरामदायक होना चाहिए. दिनभर थोड़ी शारीरिक एक्टिविटी करने से भी नींद बेहतर आती है. अगर दोपहर में सोना हो, तो बहुत ज्यादा देर न सोएं. चाय, कॉफी या भारी भोजन का सेवन रात के समय कम करना भी मददगार हो सकता है. रोज की सही आदतें अच्छी नींद के लिए बहुत जरूरी मानी जाती हैं.

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