CGPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा: CHC में नौकरी करते हुए डॉक्टर ने हासिल कर लिया सीनियर रेजिडेंट का अनुभव, स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत

CGPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा: CHC में नौकरी करते हुए डॉक्टर ने हासिल कर लिया सीनियर रेजिडेंट का अनुभव, स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में एक बड़े फर्जीवाड़े की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि एक डॉक्टर ने अपनी अनिवार्य ग्रामीण सेवा (बांड) के दौरान ही नियमों को ताक पर रखकर प्राइवेट मेडिकल कॉलेज से सीनियर रेजिडेंट (SR) का अनुभव हासिल कर लिया। इतना ही नहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मिलीभगत कर बांड की अवधि खत्म होने से पहले ही फर्जी तरीके से 'अनुबंध पूर्णता प्रमाण पत्र' (Bond Completion Certificate) भी जारी कर दिया। इस पूरे खेल की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से की गई है।

क्या है पूरा मामला?

शिकायत के मुताबिक, डॉ. विपिन लहरे ने साल 2020 में पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (मेकाहारा), रायपुर से एमडी (कम्युनिटी मेडिसिन) में एडमिशन लिया था। 2023 में उनकी पढ़ाई पूरी हुई। सरकारी नियम के मुताबिक, मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टरों को 2 साल ग्रामीण इलाके में सेवा देनी होती है। डॉ. लहरे गरियाबंद जिले के CHC फिंगेश्वर में नियमित चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। 13 मार्च 2024 को उनकी 2 साल की बांड पोस्टिंग का आदेश जारी हुआ। इसके हिसाब से उनका बांड इसी महीने यानी मार्च 2026 में खत्म होना चाहिए। लेकिन, बांड खत्म होने से पहले ही उन्होंने CGPSC में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए फॉर्म भर दिया।

Read More नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम! जंगल में छिपा खतरनाक जखीरा बरामद! सर्च ऑपरेशन में मिला IED, UBGL राउंड और हथियार

Screenshot_20260316_235205_Samsung Notes

Read More संदिग्ध मांस मामले पर धमतरी में बढ़ा तनाव! हिंदू संगठनों ने निगम कार्यालय का किया घेराव, प्रशासन को 24 घंटे की दी चेतावनी

बिना पढ़ाए कैसे मिल गया असिस्टेंट प्रोफेसर का अनुभव?

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) का साफ नियम है कि किसी भी मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए एक साल बतौर 'सीनियर रेजिडेंट' काम करना अनिवार्य है। यह अनुभव सिर्फ मेडिकल कॉलेज में पढ़ाने पर ही मिलता है। बड़ा सवाल यह है कि जब डॉ. लहरे CHC फिंगेश्वर में नियमित सरकारी नौकरी कर रहे हैं, तो उन्हें मेडिकल कॉलेज का अनुभव कैसे मिल गया? शिकायत में दावा किया गया है कि प्राइवेट संस्थान 'श्री रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, रायपुर' की वेबसाइट पर डॉ. लहरे को कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर दिखाया गया है। एक ही व्यक्ति एक साथ सरकारी अस्पताल में ड्यूटी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में कैसे पढ़ा सकता है?

अधिकारियों की सेटिंग: बैकडेट में जारी हुआ सर्टिफिकेट

इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध है। डॉ. विपिन का बांड पोस्टिंग आदेश 13 मार्च 2024 को निकला था, यानी बांड मार्च 2026 में पूरा होना है। लेकिन, स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय ने 14 नवंबर 2025 को ही एक 'अनुबंध पूर्णता प्रमाण पत्र' जारी कर दिया। अधिकारियों ने चालाकी करते हुए सेवा शुरू करने की तारीख 26 जुलाई 2023 दिखा दी, जबकि बांड का आदेश ही मार्च 2024 में निकला था।

राष्ट्रीय जगत विजन विश्लेषण: सिस्टम के लूपहोल से हो रहा योग्य युवाओं का नुकसान

यह मामला सिर्फ एक डॉक्टर का नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य महकमे में फैले भ्रष्टाचार का है।

 पहला सवाल: जब डॉक्टर सरकारी अस्पताल में पदस्थ था, तो प्राइवेट कॉलेज ने उसे अनुभव प्रमाण पत्र कैसे दे दिया?

 दूसरा सवाल: स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बिना जांचे बैकडेट से बांड पूरा होने का सर्टिफिकेट कैसे बांट दिया?

अगर ऐसे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर CGPSC में भर्तियां होंगी, तो उन योग्य और ईमानदार उम्मीदवारों का हक मारा जाएगा जो सालों से मेहनत कर रहे हैं।

IMG-20260316-WA0040

स्वास्थ्य मंत्री से कार्यवाही की मांग

शिकायतकर्ताओ ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मांग की है कि संचालनालय द्वारा जारी बांड सर्टिफिकेट की तुरंत जांच की जाए। साथ ही, CGPSC से डॉ. विपिन लहरे का नामांकन रद्द कर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष हो सके।

Screenshot_20260316_235205_Samsung Notes

Tags:

Latest News

फ्रूटी का घूंट लेना पड़ा भारी! पाउच के अंदर मिली छिपकली की चमड़ी, बच्ची की बिगड़ी तबीयत फ्रूटी का घूंट लेना पड़ा भारी! पाउच के अंदर मिली छिपकली की चमड़ी, बच्ची की बिगड़ी तबीयत
फर्जी दस्तावेज, सरकारी नौकरी और बड़ा खेल! असम में भर्ती घोटाले ने उड़ाए होश, बाहरी उम्मीदवारों ने हड़पीं नौकरियां
छत्तीसगढ़: थार में लाखों की नकदी लेकर जा रहा था चालक! पुलिस ने रोका तो खुल गई पूरी कहानी
7 लाख का लॉकर ले उड़े चोर! CCTV का DVR भी गायब, राजधानी रायपुर में हाई-प्रोफाइल चोरी से हड़कंप
रायगढ़ जेल में फिर कैदी की मौत: तीन दिन पहले आबकारी मामले में गया था जेल, पिता का आरोप पैसे लेकर दूसरे को छोड़ा मेरे बेटे को मार डाला
दुर्ग-भिलाई से चल रहा था साइबर ठगी का 'कमीशन कनेक्शन'! 15 म्यूल अकाउंट सप्लायर गिरफ्तार, करोड़ों के लेन-देन का खुलासा
रायपुर बना 'चाकूपुर'! गैंगवार, चाकूबाजी और खूनखराबा... आखिर किसके भरोसे राजधानी?
राशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव! अब OTP नहीं, सिर्फ अंगूठा लगाएंगे तभी मिलेगा अनाज, केंद्र का सख्त आदेश
देहरादून में बीजेपी नेता की हत्या के बाद फूटा गुस्सा! आरोपी के घर पर चला बुलडोजर, इलाके में भारी तनाव
ब्रिटिश परंपराओं को अलविदा! भारतीय सेना की नई वर्दी नीति लागू, बंदी जैकेट से लेकर टैटू और मूंछों तक बदले नियम
नागलोक से चार गुना ज्यादा मौतें बिलासपुर में, डॉक्टरों और वकीलों ने मिलकर डकार लिया सर्पदंश का मुआवजा
फरारी के बीच मौत! नेपाल में गोली मारकर हत्या, खान सर कोचिंग बवाल से जुड़े आरोपी की संदिग्ध मौत से सनसनी