छत्तीसगढ़ की नामचीन हस्तियों को अब हर महीने मिलेंगे 10 हजार, सरकार ने पद्मश्री सम्मान राशि की दोगुनी

छत्तीसगढ़ की नामचीन हस्तियों को अब हर महीने मिलेंगे 10 हजार, सरकार ने पद्मश्री सम्मान राशि की दोगुनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य का मान बढ़ाने वाली विभूतियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के पद्मश्री सम्मान पाने वाले कलाकारों और समाजसेवियों को अब सरकार की ओर से हर महीने मिलने वाली आर्थिक मदद दोगुनी मिलेगी। सरकार ने पुरानी मासिक राशि 5 हजार रुपए को बढ़ाकर अब सीधे 10 हजार रुपए कर दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इस फैसले का उद्देश्य राज्य के उन गुणी लोगों का सम्मान करना है जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति की पहचान बनाई है।

मदद बढ़ी तो पद्म सम्मानितों के चेहरे खिले

केंद्र सरकार की ओर से पद्म पुरस्कारों के साथ कोई नकद राशि या नियमित वेतन नहीं दिया जाता है। ऐसे में कई कलाकार अपनी उम्र के आखिरी पड़ाव में आर्थिक दिक्कतों से जूझते हैं। राज्य सरकार की इस पहल से इन हस्तियों को बड़ी राहत मिलेगी। 26 जनवरी से पहले आई इस खबर से पद्म विजेताओं और उनके परिवारों में खुशी की लहर है। जानकारों का कहना है कि यह राशि केवल मदद नहीं बल्कि राज्य की ओर से अपने नायकों को दिया गया सम्मान है।

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क्या है पद्म पुरस्कार और कैसे होता है चयन

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पद्म पुरस्कार देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं जिनकी शुरुआत साल 1954 में हुई थी। हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार कला साहित्य खेल और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में बेहतर काम करने वालों के नामों का ऐलान करती है। कोई भी व्यक्ति खुद भी इसके लिए आवेदन कर सकता है या किसी संस्था के जरिए नाम भेज सकता है। भारत सरकार की एक विशेष कमेटी सभी नामों की गहराई से जांच करने के बाद राष्ट्रपति के पास आखिरी लिस्ट भेजती है।

नाम के आगे नहीं लगा सकते सम्मान का इस्तेमाल

नियमों के मुताबिक पद्म सम्मान कोई पदवी या उपाधि नहीं है। इसे पाने वाले लोग अपने नाम के आगे या पीछे पद्मश्री या पद्मविभूषण नहीं लिख सकते। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता पाया जाता है तो सरकार उससे यह सम्मान वापस भी ले सकती है। छत्तीसगढ़ में अब तक कई हस्तियों ने अपनी मेहनत से यह पदक जीता है और अब सरकार ने उनकी आर्थिक चिंता दूर करने की ओर कदम बढ़ाया है।

 

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