NEET पेपर लीक की आग अब घरों तक पहुंची: CBI के रडार पर अभिभावक, नांदेड़-लातूर में ताबड़तोड़ छापेमारी
नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब छात्रों से आगे बढ़कर उनके परिवारों तक पहुंच गई है। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित धांधली को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने महाराष्ट्र के नांदेड़ और लातूर में कई स्थानों पर छापेमारी कर अभिभावकों से लंबी पूछताछ की है। जांच एजेंसी को शक है कि कुछ माता-पिता ने अपने बच्चों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर लीक प्रश्नपत्र खरीदे थे।
सूत्रों के मुताबिक, CBI की विशेष टीम ने नांदेड़ के विद्युत नगर इलाके सहित कई ठिकानों पर दबिश दी। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए। एजेंसी का दावा है कि कुछ परिवारों ने बिचौलियों के जरिए 5 से 10 लाख रुपये तक का भुगतान कर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल किए थे। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह सिर्फ छात्रों तक सीमित फर्जीवाड़ा नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था। इसमें पेपर लीक कराने वाले मास्टरमाइंड, कोचिंग नेटवर्क, बिचौलिए और आर्थिक रूप से संपन्न अभिभावकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों को संदेह है कि कुछ लोगों ने मोटी रकम लेकर लीक पेपर अन्य उम्मीदवारों तक भी पहुंचाए, जिससे यह घोटाला कई जिलों में फैल गया।
CBI ने एक छात्रा के परिवार से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। जांच में सामने आया कि छात्रा हाल ही में पुणे के एक निजी कोचिंग संस्थान में रहकर तैयारी कर रही थी। इसी बीच उस कोचिंग सेंटर का नाम भी जांच में सामने आया है, जहां परीक्षा परिणाम आने से पहले ही टॉपर्स के पोस्टर और प्रमोशनल फ्लेक्स लगाए गए थे। हालांकि संस्थान प्रबंधन ने किसी भी अनियमितता से इनकार किया है।
जांच एजेंसी अब पैसे के पूरे ट्रेल को ट्रैक कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क महाराष्ट्र के कई शहरों पुणे, लातूर, नांदेड़ और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय था। CBI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन छात्रों ने जानबूझकर लीक पेपर का फायदा उठाया और किन लोगों ने इस अवैध कारोबार से आर्थिक लाभ कमाया।
NEET पेपर लीक मामले ने देश की परीक्षा प्रणाली और कोचिंग इंडस्ट्री की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए नाम सामने आने की संभावना बढ़ती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की तैयारी में है।
