मंत्री को ‘मृत’ बताकर निकाली शव यात्रा, अब विधायक देवेंद्र यादव समेत 17 कांग्रेसियों पर FIR
बेमेतरा: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन ने अब कानूनी और राजनीतिक दोनों रूप ले लिया है। नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम झिरिया में कथित गौवंश मौत मामले को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान मंत्री दयालदास बघेल की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालने पर पुलिस ने विधायक देवेंद्र यादव सहित 17 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
बताया जा रहा है कि युवा कांग्रेस ने गांव में बड़ी संख्या में मृत गौवंश मिलने के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने शासन पर लापरवाही और संवेदनहीनता के आरोप लगाते हुए मंत्री के खिलाफ प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा निकाली और नारेबाजी की। आंदोलन का नेतृत्व युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं ने किया, जो पिछले कई दिनों से गौवंशों की मौत की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के बेटे और जिला पंचायत सदस्य अंजय बघेल ने चंदनू थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जीवित व्यक्ति को मृत बताकर शोक पत्र छपवाना, शव यात्रा निकालना और सार्वजनिक रूप से छवि खराब करना सामाजिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद विधायक देवेंद्र यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सत्ता का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस डरने वाली नहीं है और जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। इस मामले ने बेमेतरा की स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है और आने वाले दिनों में यह विवाद प्रदेश स्तर पर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।
