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म्यूनिख कॉन्फ्रेंस में पाक आर्मी चीफ की एंट्री पर रोक, सिक्योरिटी ने मांगा आईडी कार्ड
नई दिल्ली। पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर से जर्मनी में आयोजित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान एंट्री से पहले पहचान पत्र दिखाने को कहा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जानकारी के अनुसार, फील्ड मार्शल असीम मुनीर अपनी टीम के साथ सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। प्रवेश के दौरान सुरक्षा कर्मी ने उनसे आईडी कार्ड स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने को कहा। प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षा जांच के बाद उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया।
कार्यक्रम स्थल के बाहर विरोध प्रदर्शन
इस बीच, जर्मनी स्थित सिंधी संगठन जय सिंध मुत्ताहिदा महाज (JSMM) ने सम्मेलन में पाक सेना प्रमुख की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। संगठन के सदस्यों ने कार्यक्रम स्थल के बाहर प्रदर्शन किया और पाकिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाया। JSMM के चेयरमैन शफी बुरफत ने एक बयान जारी कर कहा कि उच्च-स्तरीय वैश्विक मंच पर पाक सैन्य नेतृत्व की भागीदारी चिंताजनक है। संगठन ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और जर्मन सरकार सहित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से इस पर ध्यान देने की अपील की।
क्या है म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस?
म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस को वैश्विक सुरक्षा और कूटनीतिक संवाद का प्रमुख मंच माना जाता है। यह सम्मेलन हर वर्ष विश्व नेताओं, रक्षा विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाता है, जहां अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और रणनीतिक चुनौतियों पर चर्चा होती है। हालांकि, सुरक्षा जांच की यह प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में सामान्य मानी जाती है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
