Bangladesh Election 2026: मतदान के लिए लगी लंबी कतारें, हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप के बीच वोटिंग जारी

नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी बांग्लादेश में आज बड़े पैमाने पर आम चुनाव का दूसरा चरण शुरू हो गया है, जहां मतदाताओं ने सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारों में खड़े होकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल किया है। स्थानीय समयानुसार सुबह 7 बजे से वोटिंग का दौर जारी है। 12.7 करोड़ से अधिक नागरिक इस बार 300 संसदीय सीटों के लिए अपना मत दे रहे हैं।

यह चुनाव एक ऐतिहासिक मोड़ पर हो रहा है, क्योंकि 15 साल से सत्ता में रही प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग इस बार चुनाव लड़ने से बाहर है। 2024 में हुए बड़े पैमाने पर हिंसक आंदोलन के बाद उनकी सरकार ढह गई थी और अब 18 महीने बाद नई चुनाव प्रक्रिया चल रही है। इस चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराए जाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने खुद मतदान प्रक्रिया में भाग लिया और वक्तव्य में लोकतंत्र की मजबूती पर ज़ोर दिया। वहीं BNP (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) के अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका के मीरपुर-10 इलाके में वोट डाला और मताधिकार का उपयोग करने का सकारात्मक संदेश दिया।

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मतदान से पहले शेख हसीना के पुत्र सजीब वज़ेद ने बैलेट पेपर्स के प्रारूप को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पोलिंग ऑफ़िशियली शुरू होने से पहले ही कुछ उम्मीदवारों के पक्ष में बैलेट पेपर्स तैयार किए जा रहे थे।

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चुनाव अभियान के दौरान जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने भी चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि ढाका के 15 नम्बर निर्वाचन क्षेत्र में कम से कम 13 पोलिंग बूथों पर तोड़फोड़ की गई है। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर पोलिंग एजेंटों की अनुपस्थिति में पेपर सील किए गए और मतदान प्रक्रिया में व्यवधान पहुंचाने की कोशिशें हुईं।

मतदान केंद्रों पर भी कुछ स्थानों पर समर्थकों के बीच झड़पें होने की खबरें आ रही हैं। ढाका के मीरपुर-10 क्षेत्र में जमात-ए-इस्लामी और BNP समर्थकों के बीच टकराव की घटनाएँ चुनावी संदेश को तनावपूर्ण बना रही हैं। इन सब के बीच व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। बांग्लादेश सरकार ने लगभग 10 लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है, ताकि मतदान केंद्रों पर शांति और व्यवस्था बनाए रखी जा सके। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं, जिन्होंने सुबह-सुबह अपने अधिकार का प्रयोग करने के लिए बड़ी संख्या में पहुँच बनायी। हालाँकि, चुनावी प्रक्रिया के निष्पक्षता और आरोप-प्रत्यारोप के बीच बांग्लादेश का यह चुनाव क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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