न्यायधानी में शर्मनाक: तिरंगे को तकिया बनाकर सोता रहा कर्मचारी, अफसर देखते रहे और होता रहा राष्ट्रीय ध्वज का अपमान

न्यायधानी में शर्मनाक: तिरंगे को तकिया बनाकर सोता रहा कर्मचारी, अफसर देखते रहे और होता रहा राष्ट्रीय ध्वज का अपमान

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी कहे जाने वाले बिलासपुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे शहर को शर्मसार कर दिया है। 26 जनवरी की सुबह जब पूरा देश तिरंगे को सलामी देने की तैयारी कर रहा था, तब बिलासपुर के पुलिस ग्राउंड में एक कर्मचारी राष्ट्रीय ध्वज को तकिया बनाकर गहरी नींद सोता मिला। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सुरक्षा में तैनात पुलिसवाले और बड़े अफसर वहां से गुजरते रहे, लेकिन किसी ने भी उसे टोकने की जहमत नहीं उठाई।

मुख्यमंत्री के आने से पहले ही तार-तार हुई गरिमा

पुलिस ग्राउंड में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह आयोजित था, जहां मुख्यमंत्री को ध्वजारोहण करना था। सुबह करीब 6 बजे जब तैयारियों का जायजा लिया जा रहा था, तब यह नजारा दिखा। तिरंगा, जो देश की आन-बान और शान है, उसे एक कर्मचारी ने मोड़कर अपने सिर के नीचे दबा रखा था। राष्ट्रीय ध्वज संहिता के मुताबिक यह न केवल गलत है बल्कि अपराध की श्रेणी में आता है। जिस झंडे के लिए जवान सीमा पर जान दे देते हैं, उसे बिलासपुर प्रशासन ने लावारिस हालत में सोने के लिए छोड़ दिया।

Read More कार की डिक्की से मिले 520 नग प्रतिबंधित कफ सिरप, दो आरोपी गिरफ्तार, 1 कार और 3 मोबाइल फोन भी जब्त

अफसरों की फौज और जिम्मेदारी से तौबा

Read More अरपा भैंसाझार बैराज: फ्लड प्रोटेक्शन वाल बहने का मामला,ईई सिद्दीकी को बचाने लीपापोती, ठेकेदार के पत्र से खुला तकनीकी खामी का राज

समारोह की तैयारी के लिए कलेक्टर और SDM सहित जिले के तमाम बड़े अधिकारियों की फौज पिछले कई दिनों से पसीना बहा रही थी। लेकिन आयोजन के दिन ही इतनी बड़ी चूक ने सुरक्षा और सतर्कता के दावों की हवा निकाल दी। आयोजन स्थल पर तैनात पुलिसकर्मी पास ही टहल रहे थे, पर किसी ने उस सो रहे कर्मचारी को वहां से नहीं हटाया। यह प्रशासनिक लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण है कि इतने संवेदनशील मामले पर भी जिम्मेदार लोग आंखें मूंदकर बैठे रहे।

सिर्फ रस्म अदायगी बनकर रह गया राष्ट्रीय पर्व

इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि रसूखदार अधिकारियों के लिए शायद यह आयोजन सिर्फ एक सरकारी ड्यूटी और फोटो खिंचवाने का मौका बनकर रह गया है। झंडे के प्रति सम्मान और उसकी गरिमा को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है, यह पुलिस ग्राउंड की उस सुबह वाली तस्वीर ने साफ कर दिया। क्या कलेक्टर और कार्यक्रम के प्रभारी इस अपमान के लिए किसी पर कार्रवाई करेंगे या फिर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा?

 

 

Tags:

Latest News

भूमि पूजन करने पहुंचे डिप्टी सीएम को मुख्य द्वार पर रोका, रहवासियों ने किया विरोध प्रदर्शन, प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर जताई आपत्ति भूमि पूजन करने पहुंचे डिप्टी सीएम को मुख्य द्वार पर रोका, रहवासियों ने किया विरोध प्रदर्शन, प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर जताई आपत्ति
मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, सिम्स में 91 पीजी सीटों पर दाखिले का रास्ता साफ, एनएमसी ने 19 पाठ्यक्रमों को दी सशर्त मंजूरी
सीसीटीवी फुटेज से हुआ चोरी का खुलासा, सामान सहित आरोपी गिरफ्तार
शराब के लिए पैसे मांगे, नहीं दिए तो किया चाकू से हमला, धारदार हथियार के साथ आरोपी गिरफ्तार
ग्राउंड रिपोर्ट: 1978 में जेपी ने दिया था साथ, अब छिन गया बुढ़ापे का सहारा; अनुदान प्राप्त कॉलेजों के रिटायर शिक्षकों की पेंशन बंद
जांच, निलंबन और फिर 'प्रमोशन': 55 लाख के मानदेय घोटाले में फंसे एमएल पटेल बने मुंगेली के नए DEO
मंडी बोर्ड में बगावत: 16 साल में 4 मंत्री और 12 एमडी बदले, लेकिन 'साहब' की कुर्सी टस से मस नहीं हुई
रायपुर: पूर्व IPS ने बिजली विभाग की महिला JE और सहकर्मी को ऑफिस में बनाया बंधक; घरेलू कनेक्शन पर चल रही थी कंपनी, पुलिस ने कराया मुक्त
पीडब्ल्यूडी में 1.60 करोड़ की बंदरबांट: ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा, अफसरों ने नियमों को ताक पर रखकर ठेकेदार को पहुंचाया फायदा
कम स्टाम्प वाली 173 रजिस्ट्री पकड़ी गईं, 3.26 करोड़ की वसूली में फंसा पेंच
इंश्योरेंस प्लान बताकर भेजा एसबीआई जैसा लिंक, लिंक खोलते ही कट गए 49,050 रुपए, पुलिस ने दर्ज किया मामला
लालखदान रेल हादसा: सीआरएस की प्रारंभिक रिपोर्ट में चालक और महिला परिचालक दोषी, एक पर रिमूवल ऑफ सर्विस की कार्रवाई तो दूसरे के परिजन को नौकरी