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जोन क्रमांक 2 के एआरआई के पैरालिसिस का फायदा उठाकर सहयोगी ने किया 'खेल', ₹16 लाख के संपत्ति कर गबन
जोन क्रमांक 2 नगर निगम तिफरा का मामला
बिलासपुर। बिलासपुर नगर पालिक निगम में ₹16 लाख के संपत्ति कर घोटाला मामले में नया मोड़ आ गया है। सहायक राजस्व निरीक्षक (एआरआई) रामनारायण देवांगन ने कलेक्टर को पत्र लिखकर खुद पर लगे गबन के आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है। देवांगन का दावा है कि उनका सहयोगी कर्मचारी लाखों रुपये की वसूली जमा कराए बिना फरार हो गया है, जिसकी वजह से उन्हें फंसाया जा रहा है।
पैरालिसिस पीड़ित एआरआई ने लगाया सहयोगी पर आरोप
रामनारायण देवांगन ने बताया कि साल 2018 में उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके कारण उन्हें पैरालिसिस हो गया। अब वो चलने फिरने और लिखने में भी असमर्थ हैं। 2021 में काम पर लौटने के बाद उनकी मदद के लिए जोन कमिश्नर ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी आशीष कौशिक समेत कई सहयोगियों को दिया था।
एआरआई देवांगन ने आरोप लगाया है कि उनकी शारीरिक अक्षमता का फायदा उठा कर उन्हें फंसाया गया उन्होंने कहा कि पैरालिसिस के कारण मैं सीढ़ियां नहीं चढ़ पाता था। इसलिए वसूली गई राशि मैं प्रतिदिन आशीष कौशिक को देता था, जो उसे कैशियर के पास जमा कराने नीचे जाता था।
लाखों रुपये लेकर सहयोगी फरार, एआरआई पर गाज
रामनारायण देवांगन अपने ज्ञापन पत्र के माध्यम से कलेक्टर को बताया कि आशीष कौशिक ने उनकी वसूली गई करीब ₹16 लाख की राशि कैशियर के पास जमा नहीं कराई और दो महीने पहले ही गायब हो गया। देवांगन के अनुसार, उन्हें इस अनियमितता की जानकारी तब हुई जब वसूली गई राशि जमा नहीं हुई। देवांगन ने साफ कहा है कि यह आरोप बिल्कुल झूठा है कि उन्होंने संपत्ति कर की राशि का गबन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है और उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने फरार आशीष कौशिक और अन्य दोषी व्यक्तियों की पूरी जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
