बेवफा शक में दरिंदगी: शादी के लिए मना किया तो पत्थर से कुचल दी प्रेमिका की खोपड़ी, 5 साल की प्रेम कहानी का खूनी अंत
बालोद। बालोद जिले के डौंडीलोहारा में प्यार, शक और कत्ल की एक ऐसी खौफनाक कहानी सामने आई है जिसने सबका दिल दहला दिया है। यहां एक सिरफिरे प्रेमी नेमीचंद ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका कमला राजपूत की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी को शक था कि कमला किसी और से बात करती है। जब उसने शादी से मना किया, तो नेमीचंद ने पहले उसका गला दबाया और फिर पत्थर से सिर कुचलकर उसे मौत की नींद सुला दिया।
जंगल में बदबू ने खोला राज
मामला 24 जनवरी को तब सामने आया जब ग्रामीण जंगल की तरफ गए थे। वहां से आ रही तेज बदबू के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस को मौके पर एक सड़ी-गली लाश मिली। महिला के हाथ पर अंग्रेजी में 'KL' टैटू बना हुआ था। इसी टैटू के जरिए मृतिका के भाई ने उसकी पहचान कमला राजपूत के रूप में की। कमला करीब 10 साल पहले शादी के बाद ससुराल छोड़ मायके में ही रह रही थी।
नशे में धुत्त था कातिल प्रेमी
एसपी योगेश पटेल ने बताया कि कमला और नेमीचंद के बीच 5 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 16 जनवरी को आरोपी नेमीचंद कमला को घुमाने के बहाने गुरामी डैम के पास के जंगल में ले गया। वहां उसने जमकर शराब पी और फिर कमला पर शक करते हुए विवाद करने लगा। नेमीचंद चाहता था कि कमला उसी वक्त उसके साथ घर चले और शादी कर ले। जब कमला ने मना किया तो आरोपी ने आपा खो दिया।
50 मीटर तक घसीटा और फिर पत्थरों से कुचला
खून सवार होने के बाद आरोपी ने पहले कमला का गला दबाया जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद वह उसे करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए झाड़ियों की तरफ ले गया। वहां उसने एक भारी पत्थर उठाया और बेहोश कमला के सिर पर कई वार किए। मौत पक्की करने के बाद उसने शव को पत्थरों से ढक दिया ताकि किसी की नजर न पड़े।
पुलिस को गुमराह करने की शातिर चाल
हत्या के बाद आरोपी नेमीचंद मृतिका का मोबाइल लेकर भाग गया। अगले दिन उसने मोबाइल को बालोद के पाररास इलाके में ऑन किया ताकि पुलिस को लगे कि कमला अभी जिंदा है और उसकी लोकेशन कहीं और है। हालांकि बालोद एसपी योगेश पटेल द्वारा बनाई गई तीन स्पेशल टीमों ने कॉल डिटेल और तकनीकी सबूतों के आधार पर उसे दबोच लिया। सख्ती से पूछताछ में नेमीचंद टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
खौफनाक मंजर: रूह कंपा देगी यह वारदात
- आरोपी नेमीचंद और कमला के बीच 5 साल का गहरा रिश्ता था लेकिन शक ने सबकुछ खत्म कर दिया।
- पत्थर के वार इतने जोरदार थे कि चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था।
- 8 दिनों तक जंगल में लाश सड़ती रही और आरोपी चैन से सोता रहा।
- टैटू 'KL' के कारण ही पुलिस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा पाई।
बालोद एसपी योगेश पटेल के निर्देशन में पुलिस ने 26 जनवरी को इस पूरे हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस ने आरोपी नेमीचंद साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इलाके में इस घटना के बाद से ही सन्नाटा पसरा हुआ है।
