- Hindi News
- अपराध
- साहबों की जेब भरने के लिए कर्मचारियों की बलि ट्रांसफर की धमकी और वसूली ने किया आत्मदाह को मजबूर
साहबों की जेब भरने के लिए कर्मचारियों की बलि ट्रांसफर की धमकी और वसूली ने किया आत्मदाह को मजबूर
जैजैपुर। सरकारी तंत्र की नाक के नीचे चल रहे वसूली के खेल ने एक गरीब कर्मचारी को मौत के दरवाजे तक धकेल दिया। जैजैपुर शराब दुकान में तैनात सेल्समैन आकाश कर्ष ने प्लेसमेंट एजेंसी और आबकारी विभाग की प्रताड़ना से तंग आकर आत्मदाह का प्रयास किया। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद साथियों ने उसे देख लिया और बचा लिया। फिलहाल घायल कर्मचारी का जैजैपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है लेकिन उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
घटना के पीछे की कहानी बेहद दर्दनाक और व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली है। आकाश ने कदम उठाने से पहले एक पत्र लिखा जिसमें उसने बताया कि कैसे उसे सक्ती जिला ट्रांसफर करने की धमकी देकर पैसों की मांग की जा रही थी। जब से सरकार ने इन कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया है तब से प्लेसमेंट एजेंसी के कर्ताधर्ता गिद्ध की तरह इन पर नजर गड़ाए बैठे हैं। आबकारी विभाग के बड़े साहबों को सब पता है कि दुकान चलाना कितना मुश्किल है फिर भी वे चुप्पी साधे हुए हैं मानो उन्हें भी इस खेल में हिस्सा मिल रहा हो।
ट्रांसफर का डर दिखाकर मांगे जा रहे थे पैसे
पीड़ित आकाश कर्ष ने साफ आरोप लगाया है कि उसे बेवजह परेशान किया जा रहा था। प्लेसमेंट कंपनी के लोग नौकरी से निकालने या दूर भेजने के नाम पर मोटी रकम मांगते हैं। जब कर्मचारी पैसे देने में असमर्थ होता है तो उसे मानसिक रूप से इतना तोड़ दिया जाता है कि वह जान देने जैसा कदम उठाने को मजबूर हो जाए। आबकारी विभाग की यह खामोश रजामंदी दिखाती है कि ऊपर से नीचे तक सब मिले हुए हैं।
विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस विधायक के जिला प्रतिनिधि उमाशंकर चंद्रा ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। उमाशंकर चंद्रा ने बताया कि यह मामला बताता है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार किस कदर हावी है। उन्होंने मांग की है कि दोषी अधिकारियों और प्लेसमेंट कंपनी के मालिक पर तुरंत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार ने वेतन केवल इसलिए बढ़ाया ताकि बिचौलिए उसे डरा धमकाकर वसूल सकें।
शराब बेचकर खजाना भरने वाली सरकार क्या अपने छोटे कर्मचारियों की जान की कीमत नहीं समझती। आज एक आकाश ने खुदकुशी की कोशिश की है अगर यही वसूली का खेल जारी रहा तो न जाने कितने और कर्मचारी इस भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएंगे।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
