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डीएसपी कल्पना वर्मा कन्ट्रोवर्सी में नया मोड़, इरफान कुरैशी बोले- मैं मैडम को जानता तक नहीं, टंडन के दावों की खुली पोल
रायपुर/दंतेवाड़ा। होटल कारोबारी आंबेडकर टंडन उर्फ दीपक टंडन और दंतेवाड़ा डीएसपी कल्पना वर्मा के बीच चल रही कन्ट्रोवर्सी में अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पूरे मामले में पैसे के लेन-देन को लेकर दीपक टंडन के झूठ का पर्दाफाश हुआ है।
अपना नाम घसीटे जाने के बाद इरफान कुरैशी ने साफ कहा है कि वह कल्पना वर्मा को पहचानता तक नहीं है। इरफान ने जांच अधिकारी के सामने बयान दिया है कि उसने कल्पना वर्मा को कोई पैसा नहीं दिया बल्कि उसका लेन-देन बरखा टंडन और दीपक टंडन से था। इस खुलासे के बाद अब दीपक टंडन की ओर से लगाए गए आरोपों और चलाए जा रहे 'मीडिया ट्रायल' पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
इरफान का बयान: जमीन के नाम पर टंडन परिवार को दिए थे पैसे
इरफान कुरैशी ने बताया कि उन्होंने बरखा टंडन को जमीन खरीदने के लिए कुल 30 लाख रुपए दिए थे। इसमें से 20 लाख रुपए बैंक खाते में जमा किए गए और 10 लाख रुपए नकद दिए गए थे। जब टंडन परिवार ने न तो जमीन दिलाई और न ही पैसे वापस किए, तो समझौते के तौर पर इरफान को होटल वेलकम श्री में पार्टनर बना लिया गया। इरफान का कहना है कि कल्पना वर्मा को इस मामले में घसीटना पूरी तरह झूठ है और वे उन्हें जानते तक नहीं हैं।
1400 पन्नों की रिपोर्ट पहुंची गृह विभाग, खुफिया जानकारी लीक होने का आरोप
एएसपी कीर्तन राठौर की टीम ने इस पूरे विवाद पर 1400 पन्नों की एक बड़ी जांच रिपोर्ट तैयार कर गृह विभाग को सौंप दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डीएसपी और कारोबारी के बीच वॉट्सऐप पर विभाग की गोपनीय जानकारियां और 3 आईपीएस अधिकारियों से जुड़े इनपुट साझा किए गए थे। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नक्सल ऑपरेशन और सुरक्षा बलों की तैनाती से जुड़ी जानकारी लीक हुई है, तो यह राज्य की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ है।
डीएसपी कल्पना वर्मा ने आरोपों को बताया है सोची-समझी साजिश
इस पूरे विवाद पर डीएसपी कल्पना वर्मा ने अपना कानूनी पक्ष मजबूती से रखा है। कल्पना वर्मा ने बताया कि उनके खिलाफ लगाए गए रिश्वत, ब्लैकमेलिंग और 2.5 करोड़ की वसूली के तमाम आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं। उनका कहना है कि यह उनकी छवि खराब करने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की एक सोची-समझी साजिश है। कल्पना वर्मा ने स्पष्ट किया कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है कि सच जल्द ही सबके सामने आएगा। उनके समर्थकों का यह भी कहना है कि एक महिला अधिकारी को 'लव ट्रैप' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर निशाना बनाना समाज की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।
गृह विभाग अब इस 1400 पन्नों की रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा है। एक तरफ भारी-भरकम कैश और गिफ्ट के आरोप हैं, तो दूसरी तरफ इरफान कुरैशी जैसे गवाहों के मीडिया के सामने और जांच एजेंसी के समक्ष दिए बयानों से केस की दिशा बदलती दिख रही है। अब गेंद सरकार पाले में है कि वो आदतन अपराधी दीपक टंडन के विरुद्ध क्या कदम उठाती है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार रिपोर्ट प्राप्त दस्तावेजों, जांच रिपोर्ट के अंशों और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। इरफान कुरैशी और डीएसपी कल्पना वर्मा के बयान जांच का हिस्सा हैं। किसी भी पक्ष की संलिप्तता या बेगुनाही का अंतिम फैसला विभागीय जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
