सरगांव: रजिस्ट्री पेपर में नाम साफ फिर भी पुलिस ने अज्ञात पर दर्ज की एफआईआर, सरगांव में किसान की करोड़ों की जमीन का फर्जीवाड़ा

image_search_1773148055568मुंगेली/बिलासपुर। मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र में भू-माफियाओं के दुस्साहस और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक किसान अपने खेत में फसल काटता रहा और पीछे से जालसाजों ने फर्जी आधार कार्ड और डमी व्यक्ति खड़ा कर उसकी 1.88 एकड़ कीमती जमीन अपने नाम लिखवा ली। ताज्जुब की बात यह है कि रजिस्ट्री कागजों में खरीदारों और गवाहों के नाम स्पष्ट होने के बावजूद सरगांव पुलिस ने मुख्य आरोपियों को बचाने के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब पीड़ित किसान ने न्याय के लिए बिलासपुर आईजी के पास गुहार लगाई है।

खेत में पसीना बहाता रहा किसान, पीछे से हो गई रजिस्ट्री

ग्राम दरूवनकांपा निवासी 41 वर्षीय किसान अरूण कुमार चेलकर के पास ग्राम मदकू में पटवारी हल्का नंबर 39 के तहत खसरा क्रमांक 345/1, 345/4 और 354 की 1.88 एकड़ जमीन है। किसान ने बताया कि वह सालों से अपनी इस जमीन पर खेती कर रहा है और उसने इसे कभी किसी को नहीं बेचा। जालसाजों ने इस पूरी साजिश को 14 नवंबर 2025 को अंजाम दिया। उन्होंने रजिस्ट्री कार्यालय में असली अरूण कुमार की जगह किसी दूसरे शख्स को खड़ा किया और फर्जी दस्तावेज लगाकर जमीन की रजिस्ट्री करवा ली।

Read More बलौदाबाजार में शराब विवाद बना हिंसा की वजह: ग्रामीणों से मारपीट के बाद भड़का गुस्सा, कांग्रेस नेता के पिता की पिटाई, VIDEO वायरल

ऐसे खुला जालसाजों की करतूत का राज

Read More  Bijapur Wildlife Crime: सोशल मीडिया पर शिकार का वीडियो बना सबूत, दुर्लभ गिलहरी का शिकारी गिरफ्तार

इस करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब तहसीलदार कार्यालय सरगांव से नामांतरण के लिए इश्तिहार जारी हुआ। 31 जनवरी 2026 को जब किसान को इस बात की खबर लगी तो उसके होश उड़ गए। किसान ने तुरंत तहसील दफ्तर पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। जांच में पता चला कि जमीन को बिलासपुर के रहने वाले कृष्ण नाथानी, रवि मोटवानी और सचिन पारवानी के नाम पर दर्ज किया गया है। इस खेल को पुख्ता करने के लिए मध्य प्रदेश के सागर जिले से निलेश स्टैली और संतोष कुमार भगत नाम के दो गवाह भी बुलाए गए थे।

पुलिस और पंजीयन विभाग की भूमिका पर सवाल

किसान का आरोप है कि सरगांव थाना प्रभारी के पास ई-स्टाम्प, आधार कार्ड की कॉपी और खरीदारों के नाम जैसे पुख्ता सबूत होने के बाद भी उन्होंने रसूखदारों पर कार्रवाई नहीं की। पीड़ित ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी को जिले के उच्च अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए वे एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी करते रहे और बाद में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर दी। वहीं दूसरे राज्य के गवाहों और डमी व्यक्ति के आधार पर रजिस्ट्री होना पंजीयन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत की ओर भी इशारा कर रहा है।

हाइलाइट्स....

 

  • जालसाजों ने असली किसान की जगह डमी व्यक्ति खड़ा कर तैयार किया फर्जी आधार कार्ड।
  • बिलासपुर के कृष्ण नाथानी, रवि मोटवानी और सचिन पारवानी के नाम पर हुई फर्जी रजिस्ट्री।
  • एमपी के सागर जिले से बुलाए गए थे दो गवाह निलेश स्टैली और संतोष कुमार भगत।
  • पीड़ित किसान का आरोप है कि रसूखदारों को बचाने के लिए पुलिस ने नहीं लिखा नामजद केस।
  • नामांतरण प्रक्रिया शुरू होने पर किसान को लगी भनक, अब
  • आईजी से की न्याय की मांग।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

More News

नवा रायपुर के रावतपुरा मेडिकल कॉलेज में सीटों का सौदा 55 लाख की रिश्वत फर्जी मरीज और किराए के डॉक्टर सीबीआई के बाद ईडी की एंट्री

राज्य

UCC से लेकर 3000 महीना तक: बंगाल चुनाव से पहले BJP का मेगा मास्टरस्ट्रोक, Amit Shah ने ‘सोनार बांग्ला’ के लिए वादों की लगाई झड़ी UCC से लेकर 3000 महीना तक: बंगाल चुनाव से पहले BJP का मेगा मास्टरस्ट्रोक, Amit Shah ने ‘सोनार बांग्ला’ के लिए वादों की लगाई झड़ी
नई दिल्ली/कोलकाता। Amit Shah ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी का बहुप्रतीक्षित संकल्प पत्र जारी करते...
भारत में ISI का खतरनाक जासूसी जाल बेनकाब: सेना की गोपनीय जानकारी लीक करने की साजिश नाकाम, CCTV नेटवर्क से हो रही थी निगरानी; 11 गिरफ्तार
12 थानों को चकमा, एनआरआई को बनाया निशाना: पंजाब का हाई-प्रोफाइल ‘नटवरलाल’ पत्नी संग गिरफ्तार, फर्जी प्रॉपर्टी डील्स से चल रहा था करोड़ों का खेल
‘जले नोट’ विवाद के बीच बड़ा फैसला: इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा
मुंबई एयरपोर्ट पर ‘गोल्ड सिंडिकेट’ का भंडाफोड़: केन्या से आई 24 महिला तस्कर गिरफ्तार, 37 करोड़ का सोना जब्त