कोरबा में सुशासन शिविर में ही भ्रष्टाचार रिटायर्ड शिक्षक से चालीस हजार की घूस लेते शिक्षा विभाग का बाबू गिरफ्तार एसीबी ने बिछाया था जाल
कोरबा। कोरबा जिले से भ्रष्टाचार का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राज्य सरकार आम जनता की समस्याओं का तुरंत समाधान करने के लिए सुशासन तिहार मना रही है। इसके तहत जगह जगह समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। लेकिन कोरबा के तुमान इलाके में आयोजित ऐसे ही एक समाधान शिविर में खुलेआम भ्रष्टाचार का खेल चल रहा था। यहां शिक्षा विभाग का एक बाबू अपना काम करवाने आए एक बुजुर्ग रिटायर्ड शिक्षक से सरेआम घूस ले रहा था। इसी दौरान बिलासपुर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया और शिविर में हड़कंप मच गया।
यह पूरा मामला शिक्षा विभाग से जुड़ा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार अमृतलाल बघेल नाम के एक बुजुर्ग शिक्षक हाल ही में अपने पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके रिटायरमेंट के बाद शिक्षा विभाग से जुड़े कुछ जरूरी कागजी काम काफी समय से अटके हुए थे। अमृतलाल बघेल अपने इसी काम को पूरा करवाने के लिए लंबे समय से परेशान थे। इसी बीच शिक्षा विभाग में पदस्थ बाबू प्रदीप मिश्रा ने उनका काम पूरा करने के एवज में सीधे चालीस हजार रुपये की मोटी रकम बतौर रिश्वत मांग ली। बुजुर्ग शिक्षक ने बाबू की इस अनुचित मांग के आगे घुटने टेकने के बजाय भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ आवाज उठाने का कड़ा फैसला किया।
परेशान होकर सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल ने बिलासपुर स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो के कार्यालय में जाकर इस पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो के अधिकारियों ने मामले की प्रारंभिक जांच की और शिकायत को सही पाया। इसके बाद भ्रष्ट बाबू प्रदीप मिश्रा को रंगे हाथ पकड़ने के लिए एक बेहद गुप्त योजना बनाई गई। तय योजना के मुताबिक अमृतलाल बघेल को तुमान इलाके में चल रहे समाधान शिविर में भेजा गया। इस शिविर में बाबू प्रदीप मिश्रा पहले से मौजूद था और लोगों की समस्याएं सुलझाने का दिखावा कर रहा था।
जैसे ही बुजुर्ग शिक्षक अमृतलाल बघेल ने बाबू प्रदीप मिश्रा को रिश्वत के रूप में मांगे गए चालीस हजार रुपये नकद सौंपे वहां पहले से ही सादे कपड़ों में मौजूद बिलासपुर एसीबी के डीएसपी अजीत सिंह और उनकी टीम ने फुर्ती दिखाते हुए उसे दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे समाधान शिविर में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद अन्य अधिकारी और आम लोग भी हैरान रह गए। रिश्वतखोर बाबू को संभलने तक का मौका बिल्कुल नहीं मिला।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम आरोपी बाबू को पास ही मौजूद कोषालय विभाग के एक खाली कमरे में ले गई। वहां उससे सघन पूछताछ की जा रही है। टीम रिश्वत के पैसों को जब्त कर चुकी है और मौके पर ही सारी जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर रही है।
