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भिलाई की लोहा फैक्ट्री में जीएसटी की रेड , 10 करोड़ की GST चोरी पकड़ी, सादी पर्ची से चलता था टैक्स चोरी का खेल
भिलाई/रायपुर। भिलाई के लाइट इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित हरिओम इंगॉट नाम की स्पंज आयरन और टीएमटी फैक्ट्री में जीएसटी विभाग ने बड़ी छापामार करवाई की है। पिछले चार दिनों से चल रही इस जांच में अब तक 10 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फैक्ट्री मालिक कुल उत्पादन की जानकारी नहीं दे रहे हैं और जांच में किसी तरह का सहयोग नहीं कर रहे हैं। फैक्ट्री में स्पंज आयरन से सरिया बनाने और विदेशों में भेजने के लिए उस पर कोटिंग का काम किया जाता है, जिसमें लंबे समय से हेराफेरी की शिकायतें मिल रही थीं।
सादी पर्ची पर लिखते थे हिसाब, कागजों में दिखाया फर्जीवाड़ा
जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि फैक्ट्री में रोजाना कितना माल बन रहा है, इसका हिसाब किसी रजिस्टर के बजाय सादी पर्चियों पर लिखा जाता था। ये पर्चियां सीधे मुंबई में बैठे डायरेक्टर संदीप अग्रवाल के पास भेजी जाती थीं। जीएसटी विभाग ने ऐसी कई पर्चियां जब्त की हैं जिनसे करोड़ों के हेरफेर के संकेत मिले हैं। अधिकारियों ने पिछले पांच साल के रिटर्न चेक किए तो पता चला कि कंपनी ने कभी भी उत्पादन का सही आंकड़ा सरकार को नहीं दिया।
एक डायक्टर मुंबई में गुम, दूसरे अस्पताल में भर्ती
जीएसटी विभाग की टीम ने जब पूछताछ शुरू की तो कंपनी के बड़े लोग बचते नजर आए। मुख्य डायरेक्टर संदीप अग्रवाल को कई बार बुलाया गया लेकिन वे मुंबई से नहीं आए और अब उनका फोन भी नहीं लग रहा है। वहीं फैक्ट्री में मौजूद दूसरे डायरेक्टर भगवान दास अग्रवाल ने किसी भी तरह की जानकारी होने से मना कर दिया। जब टीम ने 1 जनवरी 2025 से अब तक का हिसाब मांगा, तो वे अचानक तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती हो गए।
बोगस बिलिंग और फर्जी इनपुट ....
विभाग को शक है कि यहां केवल टैक्स की चोरी ही नहीं बल्कि फर्जी बिलों का भी बड़ा धंधा चल रहा है। कई स्पंज आयरन फैक्ट्रियां कागज पर तो माल बेचना दिखा रही हैं लेकिन असल में कोई काम नहीं हो रहा। इसी के जरिए सरकार से लाखों का इनपुट टैक्स क्रेडिट (रिफंड) वापस लिया जा रहा है। विभाग ने कई संदिग्ध संस्थानों के दस्तावेज जब्त किए हैं और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े ठिकानों पर छापे पड़ सकते हैं।जीएसटी के अधिकारियों ने बताया कि मेंटेनेंस के नाम पर फिलहाल फैक्ट्री को बंद कर दिया गया है। इधर कंपनी प्रबंधन का कहना है की जांच के कारण फैक्ट्री का काम रोका गया है।
इधर जीएसटी के अधिकारी ने बताया कि जांच के नाम पर कंपनी मालिकों ने खुद ही कंपनी पर ताला लटका दिया है ताकि जांच से बचा जा सके। जीएसटी सूत्रों के हवाले से खबर है कि एक-दो दिन में इस मामले में बड़ा खुलासा विभाग कर सकता है
डिस्क्लेमर: यह समाचार रिपोर्ट जीएसटी विभाग की चल रही जांच और सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है। टैक्स चोरी की अंतिम राशि और दोषियों के नाम आधिकारिक जांच पूरी होने और विभाग की फाइनल रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
