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डीएसपी कल्पना वर्मा मामले का मास्टरमाइंड निकला जालसाज, दीपक टंडन ने अलग-अलग शहरों में की करोड़ों की ठगी
रायपुर। पुलिस विभाग की साख पर बट्टा लगाने वाली डीएसपी कल्पना वर्मा मामले में अब नई परते खुलने लगी हैं। मामले का मुख्य सूत्रधार दीपक टंडन कोई मामूली अपराधी नहीं बल्कि शातिर जालसाज निकला। जांच में पता चला है कि आरोपी दीपक ने रायपुर से लेकर कोरबा और सक्ती तक अपना जाल फैला रखा था। उसने कभी जमीन के नाम पर तो कभी कोयले का धंधा दिलाने के बहाने लोगों से करोड़ों रुपए हड़प लिए। पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि दीपक टंडन के खिलाफ साल 2016 से लेकर अब तक धोखाधड़ी के करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं और उसके कारनामों का कच्चा चिट्ठा अब सबके सामने आ गया है।
रायपुर के तेलीबांधा इलाके से लेकर कोरबा के दीपका तक दीपक टंडन के खिलाफ शिकायतों की लंबी फेहरिस्त है। सूत्रों के मुताबिक दीपक का काम करने का तरीका बड़ा सीधा था, वह ऊंची पहुंच का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। रायपुर के सिविल लाइन थाने में साल 2018 में जितेंद्र देवांगन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दीपक ने उसे नौकरी लगाने के नाम पर 3.5 लाख रुपए की चपत लगाई। इतना ही नहीं, साल 2023 में पिट मंडल नाम के व्यक्ति से जमीन सौदे के नाम पर 62 लाख रुपए की बड़ी ठगी की गई। ठगी का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा, दीपक ने अडानी कंपनी से कोयले का काम दिलाने के नाम पर मुकेश अग्रवाल से 15 लाख और विकास नागले से 25 लाख रुपए ऐंठ लिए।
चेक बाउंस और गिरफ्तारी वारंट का भी है चक्कर
दीपक टंडन के साथ उसकी पत्नी बरखा टंडन भी विवादों में घिरी है। साल 2025 में हेमंत कुमार वर्मा ने रायपुर कोर्ट में बरखा के खिलाफ 42 लाख रुपए के चेक बाउंस का मामला दर्ज कराया है। दीपक की हालत यह है कि कटघोरा कोर्ट ने प्रकरण क्रमांक 48/24 में उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट तक जारी कर रखा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी ने जांजगीर-चांपा में तो एक गाड़ी गिरवी रखकर भी 7.50 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है।
ठगी के मुख्य मामले एक नजर में
महेंद्र सिंह से कोयला खरीदी के नाम पर साल 2020 में 28 लाख की ठगी हुई। किशन शर्मा और श्याम सिंह ठाकुर को भी कोयले के धंधे का लालच देकर क्रमशः 15 लाख और 31 लाख रुपए का चूना लगाया गया। डीएसपी मामले में नाम आने के बाद अब पुलिस इन पुराने केसों की फाइलें भी दोबारा खंगाल रही है। जानकारों का कहना है कि आरोपी दीपक टंडन ने रसूखदारों से अपनी पहचान का इस्तेमाल भोले-भाले लोगों को लूटने में किया।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
