बाल संप्रेक्षण गृह : चौकीदार हत्या मामले में परिजन कर रहे CBI जाँच की मांग
बिलासपुर : नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में पदस्थ सुरक्षा गार्ड की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अब परिजनों द्वारा सीबीआई जांच की मांग की जा रही हैं l जिसे लेकर आज बाल संप्रेक्षण गृह के सामने धरने पर बैठ गये हैं और संबधित अधिकारियो पर एफआईआर की मांग कर रहे हैं l
सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में तखतपुर थाना क्षेत्र निवासी नरेंद्र कुमार खाण्डे (42) सहायक सह रात्रि चौकीदार के पद पर सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी पर तैनात थे। रविवार और सोमवार की रात उनकी 4 बाल अपचारियो ने हत्या कर दी। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सीबीआई जांच की मांग की है।
अमित डहरिया ने बताया कि मृतक नरेंद्र कुमार खाण्डे 11 महीने से बाल संप्रेक्षण गृह में संविदा के रूप में कार्यरत थे l जिनकी 4 बाल अपचारियो ने हत्या कर दीl अभी तक उनकी गिरफ्तरी नहीं हुई हैं l जिसे लेकर मृतक का परिवार और ग्रामवासी धरने पर बैठे हैं l प्रशासन से मांग हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केस सीबीआई को सौपा जाये और संबंधित अधिकारियो पर एफआईआर की जायेl परिवार के मुखिया के चले जाने से आर्थिक समस्या का सामना भी करना पड़ रहा हैं जिसके लिए मृतक की पत्नी को 1 करोड़ की धनराशि, मासिक पेंशन, बड़े बेटे को सरकारी नौकरी और बेटियों के शादी का पूरा खर्च प्रशासन उठायेl अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती हैं तो आगे जो भी होगा उसका जिम्मेदार प्रशासन ही होगाl
प्रशासन पहले जवाबदेही करे तय
समाजिक कार्यकर्त्ता प्रियंका शुक्ला ने बताया कि ये सिर्फ नरेन्द्र खाण्डे की बात नहीं हैं , इसके पहले 2019 में 16 वर्षीय निखिल यादव की बाल संप्रेक्षण गृह में मौत हुई थीl इसके बाद अब सुरक्षा गार्ड की हत्या होना ये दिखता हैं कि यहाँ सुरक्षा में कितनी बड़ी सेध हैं l सेंट्रल जेल में कितनी कड़ी सुरक्षा हैं, वो सुरक्षा यहाँ क्यूँ नहीं हैं ? सबसे बड़ी बात हैं कि यहाँ जवाबदेही किसकी हैं , जवाबदेही तो पहले तय करेl जब वाहवाही लेने की बात होती हैं तो हर कोई आगे आ जाता हैं l एक भी अधिकारी अभी तक पीड़ित परिवार से मिलने नही आया हैं l अभी तक पुलिस क्या कर रही हैं और कार्रवाई कहाँ तक पहुँची ये भी कोई अधिकारी बताने को तैयार नहीं हैं l जो भी जानकारी मिलती हैं मिडिया के माध्यम से ही मिल रही हैं l
परिजनो को अब तक नहीं मिली एफआईआर की कॉपी
24 घंटे से ज्यादा समय बीत गया लेकिन अभी तक परिजनों को एफआईआर की कॉपी भी नही दी गईl जबकि ऐसे गंभीर मामलो में तत्काल एफआईआर की कॉपी दी जाती हैं l
