रायपुर में 'पुष्पा' स्टाइल खैर तस्करी का भंडाफोड़! दो ट्रक से ज्यादा लकड़ी जब्त, गोदाम सील, तस्कर फरार
रायपुर। 'झुकेगा नहीं...' वाली 'पुष्पा' स्टाइल तस्करी की याद दिलाने वाला मामला अब रायपुर में सामने आया है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां लाल चंदन नहीं, बल्कि खैर की लकड़ी का बड़ा जखीरा वन विभाग के हाथ लगा है। रायपुर के एक गोदाम पर छापेमारी के दौरान दो ट्रक से अधिक खैर की लकड़ी जब्त की गई है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक यह खेप हरियाणा भेजी जाने वाली थी। गोदाम सील कर दिया गया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
वन अधिकारियों के अनुसार, खैर की लकड़ी का उपयोग मुख्य रूप से कत्था तैयार करने में किया जाता है, जिसका इस्तेमाल पान उद्योग के अलावा कई औषधीय और औद्योगिक उत्पादों में भी होता है। इसकी बाजार में अच्छी मांग होने के कारण अवैध कटाई और तस्करी के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के निर्देशन में की गई है। संयुक्त अभियान में राज्य उड़नदस्ता के एसडीओ संदीप सिंह राजपूत, रायपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी दीपक कुमार तिवारी, सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष सामंतराय राय तथा वन विभाग की टीम शामिल रही। छापेमारी के दौरान लकड़ी के भंडारण और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई।
पहले भी सामने आ चुका है नाम
वन विभाग के अनुसार, जिस व्यक्ति से इस मामले के तार जुड़ रहे हैं, उसका नाम इससे पहले भी अवैध लकड़ी तस्करी के मामले में सामने आ चुका है। करीब पांच वर्ष पहले भी उससे जुड़े एक ट्रक को अवैध लकड़ी के साथ जब्त किया गया था। उस मामले में राजसात की कार्रवाई की गई थी और आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भी भेजा गया था।
वन्यजीव अपराधों से जुड़े मामलों में भी जांच
वन विभाग ने यह भी बताया कि संबंधित व्यक्ति का नाम पूर्व में कुछ वन्यजीव अपराधों से जुड़े मामलों में भी सामने आया था। इनमें तेंदुए की खाल के कथित अवैध व्यापार से जुड़े मामले शामिल रहे हैं। हालांकि, इन मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया संबंधित एजेंसियों और सक्षम न्यायालयों के अधीन रही है।फिलहाल, वन विभाग जब्त खैर की लकड़ी के वास्तविक स्रोत, इसकी खरीद-बिक्री, परिवहन मार्ग और इससे जुड़े संभावित तस्करी नेटवर्क की गहन जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
